एमपी बोर्ड का परिणाम घोषित : 12वीं में 16 साल का रिकॉर्ड टूटा, बेटियों ने फिर मारी बाजी

इंदौर

:: सरकारी स्कूलों ने रचा इतिहास, खुशी और चांदनी प्रदेश में अव्वल, प्रतिभा ने 10वीं में किया टॉप ::
भोपाल/इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस वर्ष के नतीजों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की नई तस्वीर पेश की है, जिसमें सरकारी स्कूलों ने निजी संस्थानों को पछाड़ते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा से प्रदेश का भविष्य रोशन हो रहा है।
इस वर्ष कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा, जो बीते 16 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विशेष बात यह रही कि सरकारी स्कूलों का परिणाम 80.43 प्रतिशत रहा, जो निजी स्कूलों के 69.67 प्रतिशत से कहीं अधिक है। इसी तरह 10वीं में भी सरकारी स्कूलों का रिजल्ट निजी स्कूलों के मुकाबले 8 प्रतिशत बेहतर रहा। जनजातीय जिलों अनूपपुर, अलीराजपुर और झाबुआ ने सफलता के नए झंडे गाड़े हैं।
:: बेटियों का दबदबा बरकरार ::
परिणामों में एक बार फिर बेटियों ने बाजी मारी है। 12वीं में 79.41 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं, जबकि छात्रों का प्रतिशत 72.39 रहा। हाईस्कूल की मेरिट में शामिल 378 विद्यार्थियों में से 235 बेटियां हैं। कक्षा 12वीं में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 500 में से 494 अंक पाकर संयुक्त रूप से प्रदेश में टॉप किया है। वहीं, 10वीं में पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी 499 अंकों के साथ प्रदेश की टॉपर बनीं।
:: मिलेगा दूसरा अवसर ::
मुख्यमंत्री ने अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे निराश न हों। बच्चों का साल बचाने के लिए द्वितीय अवसर परीक्षा 7 मई से शुरू होगी। यह उन छात्रों के लिए संजीवनी होगी जो किसी कारणवश सफल नहीं हो सके। इस बार मंडल ने पहली बार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से मात्र 45 दिनों में बिना किसी त्रुटि के शत-प्रतिशत परिणाम घोषित किए हैं।