अमरनाथ यात्रा: 3.6 लाख से अधिक पंजीकरण, दुर्गम रास्तों पर तैयारियां तेज

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आधुनिक टेंट, अटैच्ड वॉशरूम, गर्म-ठंडे पानी और पैंट्री जैसी सुविधाएं
नई दिल्ली । अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। अब तक 3.6 लाख से अधिक भक्त अपना पंजीकरण करा चुके हैं, और प्रशासनिक अधिकारियों को उम्मीद है कि यह संख्या 5 लाख के आंकड़े को छू सकती है। 57 दिवसीय यात्रा 3 जुलाई को शुरू होकर 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी।
इस यात्रा के दोनों मार्गों बालटाल-सोनमर्ग और नुनवान-पहलगाम पर अभी भी कई स्थानों पर 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है। हालांकि, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) इन दुर्गम रास्तों को बहाल करने में तेजी से जुटा है। बीआरओ के अधिकारियों का दावा है कि 15 जून तक दोनों मार्ग यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार कर दिए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू हुए थे और अब पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से व्यक्तिगत या छोटे समूहों के लिए जारी हैं, जबकि 5 से 30 लोगों के समूह के लिए पंजीकरण बुधवार को बंद हो गए।
इस साल श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। बेस कैंप में पारंपरिक टेंट की जगह अब प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। इन आधुनिक ढांचों में प्रत्येक में 48 कमरे, जिसमें अटैच्ड वॉशरूम, गर्म-ठंडे पानी और पैंट्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। ये सुविधाएँ अचानक तापमान में गिरावट या बारिश से बचाव में प्रभावी होंगी, जिनका निर्माण तीन साल पहले शुरू हुआ था और अब पूरा होने वाला है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर, सभी संवेदनशील हिस्सों और आपदा की आशंका वाले स्थानों को तीर्थयात्रियों के लिए नो-एंट्री जोन घोषित कर दिया गया है। बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं को देखकर इस बार इसतरह के जोखिम वाले स्थानों पर कोई कैंप नहीं लगाए जाएंगे। दोनों यात्रा मार्गों को चौड़ा किया गया है और पुलों को भी मजबूत बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक हो सके।