शरीर, मन और जीवनशैली को साथ लेकर चलने पर ही वास्तविक उपचार संभव है

स्वास्थ्य

डॉ. दीप्ति भटनागर (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज़), एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ एवं समग्र स्वास्थ्य विशेषज्ञ, अपनी प्रेरणादायक यात्रा के बारे में बताती हैं। वह कहती हैं, “प्राकृतिक उपचार और समग्र चिकित्सा के प्रति मेरी रुचि वर्ष 2012–2013 के आसपास शुरू हुई। शरीर की स्वाभाविक उपचार क्षमता को समझने की जिज्ञासा ने मुझे सबसे पहले प्राकृतिक चिकित्सा और एक्यूपंक्चर से जुड़े कई अल्पकालिक पाठ्यक्रम करने के लिए प्रेरित किया। समन्वित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति मेरे जुनून ने मुझे उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से 5½ वर्षीय बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज़ (BNYS) कार्यक्रम करने के लिए प्रेरित किया।”

वह आगे कहती हैं, “अपने शैक्षणिक सफर के दौरान मैंने नेचुरोपैथी, योग चिकित्सा, एक्यूपंक्चर, मानव शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान, पोषण एवं आहार विज्ञान तथा लाइफस्टाइल मेडिसिन में व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त किया।”

डॉ. दीप्ति हिमाचल प्रदेश के होल्टा, पालमपुर स्थित कायाकल्प VMRT से भी जुड़ी रही हैं। यह एक समन्वित स्वास्थ्य संस्थान है, जो नेचुरोपैथी, आयुर्वेद, योग, फिजियोथेरेपी और पारंपरिक चीनी चिकित्सा को एक साथ जोड़ने के लिए जाना जाता है। वर्षों के क्लीनिकल अनुभव और अभ्यास के माध्यम से उन्होंने रोगी-केंद्रित उपचार पद्धति विकसित की है, जो प्राचीन उपचार ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस की समझ के साथ जोड़ती है।

नेचुरोपैथी के बारे में बताते हुए वह कहती हैं, “नेचुरोपैथी इस विश्वास पर आधारित है कि मानव शरीर में स्वयं को स्वस्थ करने की जन्मजात क्षमता होती है। चिकित्सक की भूमिका केवल लक्षणों को दबाने की नहीं, बल्कि शरीर की इस प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया को सहयोग और प्रोत्साहन देने की होती है। इसके मूल सिद्धांतों में प्रकृति की उपचार शक्ति और रोग के मूल कारण का उपचार शामिल है। मेरा मानना है कि ‘उपचार से बेहतर रोकथाम’ है। स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण और दवाओं का न्यूनतम उपयोग महत्वपूर्ण है। नेचुरोपैथी आहार चिकित्सा, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और उपवास चिकित्सा जैसी प्राकृतिक पद्धतियों के माध्यम से शरीर में संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है।”

योग चिकित्सा पर अपने विचार साझा करते हुए डॉ. दीप्ति कहती हैं, “योग केवल शारीरिक व्यायाम से कहीं अधिक प्रभावी है। यह एक वैज्ञानिक प्रणाली है, जो शरीर, मन, श्वास, भावनाओं और चेतना पर एक साथ कार्य करती है।”

एक्यूपंक्चर के बारे में वह बताती हैं, “एक्यूपंक्चर पारंपरिक चीनी चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें शरीर के विशेष बिंदुओं को अत्यंत पतली और स्वच्छ सुइयों के माध्यम से उत्तेजित किया जाता है। इसके अनुसार ऊर्जा (Qi) मेरिडियन नामक मार्गों से प्रवाहित होती है। जब इस ऊर्जा का प्रवाह अवरुद्ध या असंतुलित हो जाता है, तब रोग उत्पन्न होते हैं। एक्यूपंक्चर ऊर्जा के इस प्रवाह को संतुलित करने और सुचारु बनाने में सहायता करता है।”

डॉ. दीप्ति भटनागर का मानना है कि वास्तविक उपचार तभी संभव है, जब शरीर, मन और जीवनशैली—तीनों को एक साथ संबोधित किया जाए।जब उनसे उनके और उनके पति द्वारा स्थापित, विश्व की योग राजधानी ऋषिकेश में स्थित समग्र स्वास्थ्य केंद्र ‘प्रकृति ऋषिकेश’ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्रकृति ऋषिकेश एक वेलनेस रिट्रीट है, जो पारंपरिक उपचार विज्ञान और आधुनिक वेलनेस सिद्धांतों का समन्वय करता है। ऋषिकेश के आध्यात्मिक और प्राकृतिक वातावरण में स्थित यह केंद्र लोगों को समग्र एवं व्यक्तिगत वेलनेस कार्यक्रमों के माध्यम से अपने स्वास्थ्य से पुनः जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। यहां व्यक्ति की प्रकृति, स्वास्थ्य लक्ष्य, जीवनशैली की आदतें तथा शारीरिक और भावनात्मक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। हिमालय की शांत वादियों और ऋषिकेश की आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच स्थित यह स्थान ऐसा वातावरण प्रदान करता है, जहां स्वयं प्रकृति भी उपचार प्रक्रिया का हिस्सा बन जाती है।”डॉ. दीप्ति एक अभिनेत्री भी हैं और उन्होंने ‘नज़र’, ‘छोटी सरदारनी’, ‘शुभारंभ’ और ‘परिणीति’ जैसे कई लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिकों में अभिनय किया है।

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