वीर महाराणा प्रताप व छत्रसाल की जयंती पर गूंजे शौर्य के जयकारे

इंदौर

:: इंदौर जिले में राजपूताना उत्सव की धूम; सुबह महापुरुषों का पूजन और शाम को घर-घर दीप प्रज्वलन से जगमगाया अंचल ::
इंदौर । वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती पर इंदौर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक राजपूत समाज ने राजपूताना उत्सव गौरव के साथ मनाया। दिन भर चले कार्यक्रमों में जहाँ शौर्य और बलिदान का स्मरण हुआ, वहीं शाम होते ही हर घर एक दीप महाराणा के नाम प्रज्वलित कर दीपोत्सव के रंग में रंग गया।
उत्सव का आगाज बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा स्थित महाराजा छत्रसाल और महू नाका स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुआ। इस दौरान युवाओं ने शौर्य के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर के पूर्वी क्षेत्र में निकाली गई भव्य एवं अनुशासित वाहन रैली आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
फीनिक्स टाउनशिप में महाराणा प्रताप सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में खाकरोड और कुंडाना से पधारे वरिष्ठ समाजसेवी दरबार सिंह पटेल के आतिथ्य में समाज को सुदृढ़ बनाने पर मंथन हुआ। इस दौरान देवेंद्र सिंह राठौड़, चंद्रेश सिंह तोमर, तरुण ठाकुर, मूरत सिंह राजपूत, सब्बर सिंह राजपूत, अपूर्व सिंह, ज्ञानसिंह राजपूत, विश्वनाथ राजपूत, प्रीतम राजपूत एवं राकेश राजपूत सहित अन्य प्रबुद्धजनों ने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन में अजय सिंह लसूडिया और विजय सिंह लसूडिया सहित कई गणमान्य जन मौजूद थे।
जिले के ग्रामीण अंचलों लसूडिया, अरेडिया, ढाबली, केलोद हाला, पिपलियाहाना, छोटी खजरानी, शिरपुर, नावदा कलारिया, छोटा बांगड़दा, पालाखेड़ी, सांगवी, मेठवाड़ा, देपालपुर, गोकलपुर, गौतमपुरा, हातोद, बुडानिया, सावेर, महू, पीतमपुर और राऊ सहित सैकड़ों गांवों में सामूहिक पूजन हुआ। इन आयोजनों की अगुवाई राजेंद्र सिंह बुडानिया, मलखान सिंह तामलपुर, कमलेश्वर सिंह सिसोदिया, अनिल सिसोदिया, सज्जन सिंह कुशवाह अरेन्दिया, विजय सिंह पवार लसूड़िया, दिनेश सिंह नावदा, धनसिंह गालोंडा, मेहेरबान सिंह मोथला, जय सिंह दरबार, कृष्णसिंह पालाखेड़ी, प्रेमसिंह ढाबली, मलखान सिंह सांगवी, हरपाल सिंह बेटमा और दिलीप सिंह लसूडिया आदि वरिष्ठ जनों ने की।
ग्रामीण सभाओं में वक्ताओं ने युवाओं के बेहतर भविष्य, उच्च शिक्षा, स्वरोजगार, सामाजिक समरसता और कुरीतियों के उन्मूलन पर जोर दिया। साथ ही नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने और उन्नत कृषि व पशुपालन को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया। शाम ढलते ही संपूर्ण इंदौर जिले में दीपों की कतारों से गाँव-गाँव और घर-आँगन जगमगा उठे। समाजजनों ने बताया कि इस दीपोत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को महापुरुषों के त्याग, तपस्या और देशप्रेम के संस्कारों से अवगत कराना है।

1 thought on “वीर महाराणा प्रताप व छत्रसाल की जयंती पर गूंजे शौर्य के जयकारे

Comments are closed.