देश का नया टेक्सटाइल एवं गारमेंट हब बनेगा इन्दौर-धार अंचल

इंदौर

:: धार में तेजी से आकार ले रहा पीएम मित्रा पार्क, अब तक मिले 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव ::
इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में धार जिले में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा पार्क तेजी से विकसित हो रहा है। लगभग 2,156 एकड़ में फैला यह महत्वाकांक्षी पार्क और इन्दौर के आसपास स्थापित हो रही नई गारमेंट इकाइयां मिलकर इस पूरे अंचल को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं अपैरल हब के रूप में स्थापित कर रही हैं। करीब 2,063 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए अब तक 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में 46,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पार्क के प्रथम एवं द्वितीय चरण में 1,100 एकड़ से अधिक भूमि उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है और तीसरे चरण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होगी।
परियोजना के तहत बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पार्क को विद्युत वितरण (डिस्कॉम) लाइसेंस प्राप्त हो चुका है, जिससे उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही बाह्य विद्युत अधोसंरचना का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि आंतरिक सड़कों, जलापूर्ति और ड्रेनेज जैसी सिविल अधोसंरचना के निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए पार्क में सीईटीपी, एसटीपी, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, परीक्षण प्रयोगशालाएं, इन्क्यूबेशन सेंटर और प्लग एंड प्ले शेड्स जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
कनेक्टिविटी के लिहाज से यह पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से फोरलेन सड़क द्वारा जुड़ चुका है, वहीं रेल संपर्क के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) जारी है। हाल ही में ताइवान के एक उच्च स्तरीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल ने भी यहाँ निवेश की संभावनाओं का जायजा लिया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय और राज्य शासन द्वारा इस पूरी परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है।
:: वैश्विक ब्रांड्स की सप्लाई चेन से जुड़ेगा अंचल ::
पीएम मित्रा पार्क के साथ-साथ इस अंचल में ओएफबी टेक, न्वाइज़, जील और अरविंद समूह जैसी बड़ी कंपनियों की गारमेंट इकाइयां मिलकर एक सशक्त टेक्सटाइल इकोसिस्टम का निर्माण कर रही हैं। यहाँ तैयार होने वाले परिधानों की आपूर्ति एचएंडएम, ज़ारा, एरोज और यूएस पोलो जैसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों की वैश्विक सप्लाई चेन में होने की व्यापक संभावनाएं हैं। इससे इन्दौर-धार क्षेत्र विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।