राममंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट एसआईटी ने सरकार को सौंपी…एफआईआर और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश

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अब जमीन खरीद-फरोख्त की होगी जांच
-एसआईटी के रडार पर नए चेहरे, मेटल के इस्तेमाल और स्टोरेज की भी होगी पड़ताल
अयोध्या । अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें एफआईआर दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। किसी सीनियर अफसर को मंदिर का ष्टश्वह्र नियुक्त करने का भी सुझाव है। डिटेल जांच के लिए एसआईटी ने और समय मांगा है। रिपोर्ट गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी गई है। टीम ने बताया कि 20 पन्नों की यह शुरुआती रिपोर्ट है। इसमें 150 लोगों से पूछताछ की डिटेल है। वहीं, अब जमीन खरीद-फरोख्त की जांच होगी। एसआईटी की नजर उन नए चेहरों पर टिक गई है, जो मंदिर परिसर के कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली लोगों के करीबी बताए जाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की भी सिफारिश की है। चढ़ावे में अनियमितता रोकने के लिए सुझाव दिए हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी। इसके बाद गृह मंत्रालय तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को रखा जाए या हटाया जाए। राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है। इसके अलावा, चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है।
जमीन खरीद-फरोख्त में बिचौलियों की भूमिका पर भी नजर
जांच आगे बढऩे के साथ ही बाहरी लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर ट्रस्ट द्वारा की गई भूमि खरीद में बिचौलियों की सक्रियता जांच एजेंसियों का ध्यान खींच रही है। सूत्र बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में कई भूमि सौदों में मध्यस्थों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके एवज में बड़ी रकम अर्जित की। एसआईटी ने प्रारंभिक जांच के दौरान भूमि सौदों से जुड़े कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
15 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, जांच के अगले चरण में ट्रस्ट के एक पदाधिकारी के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों से भी पूछताछ संभव है। उनके खातों में हुए लेनदेन को लेकर चर्चा तेज है। अधिकांश लोग स्थानीय बताए जा रहे हैं। जांच की जद में आए लोगों की संख्या बढ़ सकती है और 15 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि कुछ कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति पिछले कुछ वर्षों में असामान्य रूप से मजबूत हुई है, जिसकी पड़ताल भी जांच एजेंसियां कर सकती हैं। फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और उसके बाद शुरू होने वाली विस्तृत जांच पर टिकी हैं।