कोलकाता । कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास एक निर्माणाधीन गोदाम का विशाल शेड अचानक ढह गया, जिसमें बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक करीब 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से 55 मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। घटना में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जाहिर की जा रही है।
हादसे के बाद बचाव दल ने अब तक 13 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है, जिसमें से 9 गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय गोदाम में कांक्रीट ढलाई का काम चल रहा था, जिसके दौरान यह दुर्घटना हुई।
बचाव कार्य में कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और भारतीय सेना के जवान पूरी मुस्तैदी से जुटे हैं। मलबे और लोहे की भारी रॉड को हटाने के लिए बड़ी क्रेन और गैस कटर का इस्तेमाल हो रहा है। मलबे के ढेर से फंसे मजदूरों की चीखें सुनाई दे रही हैं, जिससे बचाव कार्य की गंभीरता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, गोदाम की जमीन ओडिशा के व्यवसायी की थी, जिसे बाद में एक निजी फर्म को लीज पर दिया था। यह हादसा कोलकाता में निर्माण सुरक्षा मानकों पर फिर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां पहले भी इसतरह के कई बड़े हादसे हो चुके हैं।
बीते 10 सालों में निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे
मार्च 2024, कोलकाता: गार्डन रीच इलाके में पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से 12 लोगों की मौत हुई थी। जांच में बिना मंजूरी निर्माण और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी।
जुलाई 2023, ठाणे (महाराष्ट्र): निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरने से 7 मजदूरों की मौत और कई घायल हुए थे।
जून 2023, मुंबई: बांद्रा में निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने से कई मजदूर घायल हुए थे।
सितंबर 2022, अहमदाबाद: निर्माणाधीन इमारत का एक हिस्सा ढहने से मजदूर मलबे में दब गए थे।
2016, कोलकाता का विवेकानंद फ्लाईओवर: निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिरने से 27 लोगों की मौत हुई थी। यह पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े निर्माण हादसों में गिना जाता है।

