:: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीसी के जरिए की योजनाओं की समीक्षा, सुशासन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाने के निर्देश ::
इंदौर | विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यह निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से आयोजित कलेक्टर्स कांफ्रेंस में दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रक्रिया को जितना हो सके आसान बनाएं। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना भी उपस्थित थे।
इंदौर संभागायुक्त कार्यालय से संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे, आईजी अनुराग, संयुक्त आयुक्त शिवानी वर्मा, उपायुक्त सपना लोवंशी तथा कलेक्टर कार्यालय से कलेक्टर शिवम वर्मा और सीईओ जिला पंचायत सिद्धार्थ जैन सहित अन्य अधिकारी वीसी में शामिल हुए।
:: मास्टर प्लान और बुनियादी ढांचे पर रहेगा विशेष ध्यान :;
मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत समय पर मास्टर प्लान तैयार करने के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर काम किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए सीएम गतिशक्ति पोर्टल पर प्रदेश के सभी प्रोजेक्ट्स की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। शासकीय संपत्तियों के बहुउद्देश्यीय उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद जो स्कूल भवन रिक्त हुए हैं, उनका उपयोग आयुष वेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्र या आंगनवाड़ी के लिए किया जाए।
:: शैक्षणिक संस्थान होंगे ड्रग फ्री, साइबर फ्रॉड पर कसी जाएगी नकेल ::
कांफ्रेंस में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने एसडीएम-एसडीओपी और कलेक्टर-एसपी को संयुक्त रूप से मैदानी भ्रमण कर सुरक्षा मजबूत करने को कहा। डीजीपी कैलाश मकवाना ने निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पॉक्सो एक्ट के मामलों में एक माह के भीतर चार्जशीट प्रस्तुत करने और साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। नए आपराधिक कानूनों व ई-साक्ष्य के तहत समय-सीमा में चालान पेश करने तथा अवैध खनन व परिवहन पर सतत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
:: बेसिक सुशासन आवश्यक, स्वास्थ्य सुविधाओं को दें अधिक समय ::
सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों के निराकरण में हुए सुधार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड पारित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अगले माह शुरू होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान की कार्ययोजना बनाने और पेयजल स्रोतों के शुद्धिकरण के निर्देश दिए। निक्षयमित्र टीबी मुक्त भारत अभियान में मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि 1075 पीएससी चयनित डॉक्टर्स ने अस्पतालों में पदभार ग्रहण कर लिया है।
:: स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य ::
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आस-पास की बसाहटों के बच्चों का 100 फीसदी नामांकन सुनिश्चित करने और हर विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए असाक्षर व्यक्तियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए।
:: मानधन योजना में मध्य प्रदेश देश में अव्वल ::
मुख्य सचिव ने 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लिए लागू प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्य प्रदेश के देश में प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टर्स की सराहना की। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है। उन्होंने संबल योजना के प्रकरणों को समय पर निराकृत करने के निर्देश दिए। अंत में, डॉग बाइट के मामलों की समीक्षा करते हुए सभी 55 जिलों में पशु आश्रय स्थल विकसित करने और न्यूनतम एक-एक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

