:: नगर निगम की कार्यशाला में अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और मॉक ड्रिल पर दिया गया प्रशिक्षण ::
इंदौर। शहर में बढ़ती अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष पहल की गई है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार आज भंवरकुआं स्थित फिजिक्स वाला के विद्यापीठ परिसर में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों के लिए एक दिवसीय फायर सेफ्टी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संचालकों को अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए जागरूक करना था।
कार्यशाला में अपर आयुक्त प्रखर सिंह, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) घनश्याम धनगर, फायर ऑफिसर विनोद मिश्रा और नगर निगम की फायर टीम मुख्य रूप से मौजूद रही। इनके साथ ही क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के संचालकों ने इस महत्वपूर्ण आयोजन में सहभागिता की।
:: सिखाया उपकरणों का उपयोग ::
कार्यशाला के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम और अधिकारियों ने उपस्थित संचालकों को अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के व्यावहारिक उपाय बताए। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में विद्यार्थियों की सुरक्षित निकासी (इवैक्युएशन प्लान), फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) के सही उपयोग, फायर अलार्म की उपयोगिता, विद्युत सुरक्षा (शॉर्ट सर्किट से बचाव) और विभिन्न अग्निशमन उपकरणों के नियमित रखरखाव की विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई।
:: नियमित मॉक ड्रिल पर जोर ::
प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों से दोटूक कहा कि वे अपने संस्थानों में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न करें। अधिकारियों ने संस्थानों में समय-समय पर फायर ऑडिट कराने, नियमित अंतराल पर मॉक ड्रिल आयोजित करने और वहां कार्यरत स्टाफ सहित विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के प्रति प्रशिक्षित करने की अपील की। विभाग ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी संस्थानों में आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) हमेशा सुचारू और बाधा रहित होने चाहिए।

