डीजीपी कैलाश मकवाणा बोले- 303 मास्टर ट्रेनर्स तैयार, हजारों पुलिसकर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण ::
भोपाल । सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित आयोजन बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के आधार पर सिंहस्थ को विश्वस्तरीय आयोजन के रूप में सफल बनाया जाएगा।
भोपाल में आयोजित ‘सिंहस्थ-2028 ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) कोर्स’ के राज्य स्तरीय सेमिनार में डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा का बड़ा दायित्व है। इसकी सफलता के लिए पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों से तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2028 के लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अब तक 303 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा चुके हैं, जो जिलों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भूमिका आधारित प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, संचार व्यवस्था और श्रद्धालुओं से संवेदनशील व्यवहार जैसे विषय शामिल हैं।
:: ई-एचआरएमएस से होगा पुलिस बल का प्रबंधन ::
डीजीपी ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती और ड्यूटी प्रबंधन के लिए पुलिस ड्यूटी पोर्टल और ई-एचआरएमएस आधारित मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है। इससे पुलिस बल की तैनाती, निगरानी और समन्वय अधिक प्रभावी होगा।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के अनुभवों को भी शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने वहां की भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उपयोगी व्यवस्थाओं को अपनाया है।
:: 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती से मजबूत होगा बल ::
मकवाणा ने बताया कि वर्ष 2025 में 8500 और वर्ष 2026 में 9662 पुलिस पदों पर भर्ती की स्वीकृति मिली है। इससे पुलिस बल की क्षमता बढ़ेगी और सिंहस्थ-2028 सहित भविष्य की कानून-व्यवस्था संबंधी जरूरतों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान भीड़ नियंत्रण, अंतरराज्यीय समन्वय, आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस अधोसंरचना विकास के लिए तैयार योजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।
:: मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अहम ::
डीजीपी ने कहा कि मास्टर ट्रेनर्स सिंहस्थ की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके माध्यम से प्रशिक्षित पुलिसकर्मी ही मैदान में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता की जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने प्रशिक्षकों से पुलिस बल में सेवा भावना, अनुशासन और संवेदनशीलता विकसित करने का आह्वान किया।
सेमिनार में उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों की सफलता के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन, मजबूत संचार तंत्र और सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

