खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हो सकते हैं मोजतबा खामेनेई

अंतरराष्ट्रीय

मशहद । अब ईरानी मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई जल्द ही कोम स्थित पवित्र दरगाह में अपने पिता की याद में आयोजित होने वाले एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो हमले के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक मौजूदगी होगी, हालांकि अभी तक ईरानी प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। खामेनेई को जिस इमाम रजा दरगाह में दफनाया गया है, वह शिया समुदाय के आठवें इमाम का मजार है और यह ईरान का सबसे पवित्र व ऐतिहासिक धार्मिक स्थल माना जाता है।
अयातुल्ला खामेनेई की मौत इसी वर्ष 28 फरवरी को एक बड़े हवाई हमले में हुई थी, जिसके बाद पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध की शुरुआत हुई थी। इस हमले में उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए थे। युद्ध की गंभीर स्थिति और सुरक्षा कारणों की वजह से उनके दफन का कार्यक्रम कई महीनों तक टलता रहा। आखिरकार शुक्रवार को हजारों लोगों की मौजूदगी में उन्हें उनके पैतृक शहर में दफनाया गया, जहां अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मातम मनाते नजर आए।
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को आखिरकार 131 दिन बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शुक्रवार तड़के उन्हें उनके गृह नगर मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह के दार अल-जिक्र परिसर में दफनाया गया। ईरान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस बात की पुष्टि की गई कि अयातुल्ला अली होसेनी खामेनेई के पार्थिव शरीर को 10 जुलाई 2026 की सुबह पवित्र दरगाह में दफन किया गया।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने साल 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला था और तीन दशक से भी अधिक समय तक देश की राजनीति, सेना और आर्थिक संस्थानों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। उनके इस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालिबाफ, चीफ जस्टिस गुलामहुसैन मोहसेनी एजेई और खामेनेई के बड़े बेटे मुस्तफा खामेनेई समेत कई वरिष्ठ ईरानी नेता और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, इस पूरे समारोह में जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा रही, वह थी खामेनेई के बेटे और उनके उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति। मोजतबा को ईरान का नया सुप्रीम लीडर माना जा रहा है, लेकिन वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नजर नहीं आए। 28 फरवरी के हमले के बाद से ही मोजतबा सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। इस बीच उनके नाम से कुछ लिखित बयान जरूर जारी हुए, लेकिन उनकी कोई नई तस्वीर, वीडियो या ऑडियो सामने नहीं आया है, जिससे उनके गंभीर रूप से घायल होने की अफवाहों को बल मिला है।