विदेश मंत्री जयशंकर कुवैत का दौरा पूरा कर ओमान पहुंचे

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अब न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स के लिए होंगे रवाना
मस्कट । रक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर द्विपक्षीय वार्ताओं का दौर पूरा करने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार को ओमान पहुंच गए हैं। ओमान पहुंचने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने लिखा, गुरुवार को ओमान पहुंचकर बेहद खुशी हुई। ओमान के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक शेख अहमद अल मस्करी ने जिस गर्मजोशी और आत्मीयता से मेरा स्वागत किया, उसके लिए मैं उनका विशेष रूप से धन्यवाद करता हूं।
इससे पहले अपने कुवैत दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से एक उच्च स्तरीय मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने भारत के लोगों, विशेषकर कुवैत में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय की भलाई और उनकी उचित देखभाल के लिए कुवैत सरकार द्वारा दिए जा रहे लगातार सहयोग की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत और कुवैत के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ व दोनों देशों के लिए फायदेमंद बनाने के दृष्टिकोण का पुरजोर स्वागत किया। अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से भी विस्तृत मुलाकात की। बैठक के संपन्न होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, कुवैत के विदेश मंत्री से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। हमने वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और उसके इलाके व पूरी दुनिया पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों पर व्यापक चर्चा की। इसके अलावा भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनका आभार जताया। बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की भी समीक्षा की गई। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में हमारी रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।
इसके अतिरिक्त, जयशंकर ने कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह से भी मुलाकात की, जिसमें रक्षा उद्योग में आपसी सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे गंभीर रणनीतिक मुद्दों पर विशेष तौर पर चर्चा की गई। उन्होंने कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद किया और भारत के तेजी से हो रहे बदलाव व दुनिया में बढ़ती इसकी मजबूत भूमिका के बारे में बात की। इस सफल खाड़ी दौरे के बाद विदेश मंत्री आगामी 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 2028-29 अवधि के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके तुरंत बाद, वह 14-15 जुलाई को ब्रसेल्स में आयोजित होने वाली भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां वह यूरोपीय संघ और बेल्जियम के अपने समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे।