आरोपी एनएसयूआई पदाधिकारी सुभाष यादव की तत्काल गिरफ्तारी एवं निष्पक्ष जांच हो: अभाविप
एनएसयूआई का महिला-विरोधी एवं सामाजिक न्याय विरोधी चरित्र पुन: उजागर
भोपाल । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) भोपाल महानगर द्वारा आज बोर्ड ऑफिस चौराहे एवं प्रदेश में कई स्थानों पर एनएसयूआई के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन भोपाल में हृस्ढ्ढ पदाधिकारी के विरुद्ध दर्ज गंभीर आपराधिक प्रकरण के विरोध में तथा पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित पिपलानी क्षेत्र में राहुल गांधी द्वारा संचालित कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के देशव्यापी छात्र गूँज की आवाज़ अभियान के दौरान एनएसयूआई के जिला महासचिव सुभाष यादव के विरुद्ध अपनी ही संगठन की एक दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न एवं धमकी के संबंध में कल छात्रा ने एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच तथा मामले में यदि किसी व्यक्ति द्वारा पीड़िता पर दबाव बनाने या प्रकरण को प्रभावित करने का प्रयास किया गया हो तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा ने कहा, एनएसयूआई का छात्र गूंज अभियान चल रहा है और उसी दौरानएनएसयूआई के पदाधिकारी पर अपनी ही कार्यकर्ता से दुष्कर्म कर रहें है। आज जीतू पटवारी युवा स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे उन्हें पहले अपने संगठन में बहनों का स्वाभिमान बचाना जरूरी है। ये घटना केवल एक अपराध नहीं है, ये एनएसयूआई के चरित्र का आईना है। जो संगठन लड़की हूं लड़ सकती हूं के बड़े-बड़े नारे लगाता है, उसी संगठन के पदाधिकारी अपनी ही बहन बेटी की अस्मत लूट रहे है। एनएसयूआई इतना समझ लें छात्राओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। ना ही छात्रा के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा जाएगा आज अभाविप पीड़ित छात्रा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेगी।
अभाविप की प्रांत छात्रा प्रमुख बबली शर्मा ने कहा, छात्राओं की सुरक्षा केवल भाषणों का विषय नहीं, बल्कि व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी छात्रा के साथ अन्याय होने पर अभाविप सदैव उसके साथ खड़ी रहेगी। यदि किसी ने पीड़िता पर दबाव बनाने या मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया है, तो उसकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। दोषियों को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि महिला सम्मान और छात्र हितों से जुड़े किसी भी मामले में वह निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग को लेकर निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

