इन्दौर (ईएमएस) लगातार उजागर हो रहे घपलों, घोटालों और अनियमितताओं के चलते इन्दौर नगर निगम की धूमिल होती छवि को सुधारने और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयास के तहत निगमायुक्त ने अभी हाल ही में उजागर हुए 354 कथित सम्पतियों के फर्जी नामांतरण प्रकरणों की जांच के दरम्यान ही राजस्व विभाग के डिप्टी कमिश्नर केशव सिंह सगर से यह प्रभार वापस लेकर डिप्टी कमिश्नर गरिमा पाटीदार को सौंप दिया गया है। केशव सिह सगर को स्थापना शाखा और सेंट्रल स्टोर का दायित्व दिया गया है। हालांकि इस उजागर हुए 354 कथित फर्जी नामांतरण मामलों में नियमों की अनदेखी के आरोपों के बाद भी मामले में अभी किसी अधिकारी की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से तय नहीं की गई है और जांच पूरी होने के बाद ही प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है। यही नहीं निगम प्रशासन ने एडिशनल कमिश्नर आकाश सिह को संपदा प्रबंधन एवं राजस्व वृद्धि सेल का प्रभार सौंपा है, जबकि अर्थ जैन को लीज शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। निगम में हुए इन अधिकारियों के इधर उधर को सिर्फ नियमित प्रशासनिक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राजस्व विभाग में जवाबदेही तय करने और जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें फर्जी नामांतरण प्रकरण की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

