एआई ने बिना इंसानी मदद के दूसरे एआई स्टार्टअप सिस्टम पर किया हमला

ताज़ा खबर देश

अब तक का सबसे अलग और हैरान कर देने वाला साइबर अटैक
नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के बेकाबू होने की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। चैटजीपीटी मेकर ओपनएआई ने बताया है कि वह एक ऐसी साइबर घटना की जांच कर रही हैं, जिसमें उनका का एक एआई एजेंट बेकाबू हो गया। एआई ने बिना किसी इंसानी मदद के दूसरे एआई स्टार्टअप के सिस्टम पर हमला कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओपनएआई ने बताया कि उसके दो एआई मॉडल साइबर अटैक के लिए जिम्मेदार थे। इस हमले के बाद एक बार फिर से एआई से सुरक्षा, गार्डरेल्स आदि को लेकर चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। हुंगिंग फेस ने बीते सप्ताह बताया था कि उसके डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम पर सेंधमारी हुई है। कंपनी ने शक जताया था कि यह हमला किसी एआई एजेंट ने बिना इंसानी मदद के ये काम किया है।
न्यूयॉर्क स्थित स्टार्टअप को इस सप्ताह जानकारी हासिल हुई है कि इसके पीछे ओपनएआई के एआई एजेंट शामिल थे। दोनों कंपनियों ने मिलकर अटैक को कंट्रोल किया है। हुगिंग फेस के सीईओ ने बताया है कि यह अब तक का सबसे अलग और हैरान कर देने वाला साइबर अटैक है। ओपनएआई के मुताबिक उसके एआई एजेंट ने चोरी किए गए लॉगइन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल किया और वल्नरेबिलिटीका फायदा उठाकर हुंगिंग के सर्वर तक पहुंच बना लिया है।
एआई एजेंट की टेस्टिंग एकदम अलग एनवायरमेंट सैंडबॉक्स में चल रही थी, जहां उस पर सामान्य से कम सेफ्टी रूल्स लागू किए थे। एआई ने बिना किसी इंसानी मदद से इंटरनेट से कनेक्ट होने का तरीका खोज लिया और फिर उसने सीक्रेट डिटेल्स हासिल की, जिससे वह टेस्टिंग प्रोसेस में होने के बाद भी धोखा दे पाया। एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी के सोशल साइंटिस्ट हैन्स कूल्स का कहना है कि इस घटना को एआई के बेकाबू होने के रूप में पेश करना सही नहीं है। इसमें सिक्योरिटी लेयर्स को कम करना इंसानी फैसला है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट का मानना है कि यह एक रेड फ्लैग है। बिना इंसानी निर्देश के एआई फैसला ले रहा है और हमले कर रहा है, ये काफी चिंता का विषय है।