हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान आपने ही पहुंचाया

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पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर किया तीखा हमला
नई दिल्ली । देश के युवाओं के कल्याण को प्राथमिकता देने के बारे में पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखा हमला करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने देने और उसे बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इससे पहले एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा था कि हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने हमारी शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह कब्जा करने और उसे बर्बाद करने की इजाजत दी और उसे बढ़ावा दिया और इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को बचाया। परीक्षा पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन की मांगों को दोहराते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि छात्रों की मांगें साफ हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करें, छात्रों से माफी मांगें और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने उन पर हमला किया।
बता दें राहुल गांधी 20 जुलाई को संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बर्बरता का जिक्र कर रहे थे। एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के तहत भारत की शिक्षा व्यवस्था में धांधली की गई है। दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को सही ठहराते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे एक निष्पक्ष और जायज वजह के लिए लड़ रहे थे, लेकिन सरकार उन्हें डराने-धमकाने और कुचलने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही थी।
शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पर हमला तेज करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्ट और अक्षम हैं और मांग की कि उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए। बता दें मंगलवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ मिलकर, नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पीएम मोदी के आवास के पास धरना दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया था। बाद में छोड़ दिया था।