कोर्ट में लेडी आफ जस्टिस की प्रतिमा की जगह लगे न्यायप्रिय शासिका देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा

इंदौर

इन्दौर | मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर को इन्दौर अभिभाषक संघ ने न्यायालयों में लगी लेडी आफ जस्टिस की प्रतिमा के स्थान पर इंदौर की न्यायप्रिय शासिका देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा स्थापित करने हेतु ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन में मांग की कि इन्दौर के रीगल चौराहा का नाम बदलकर अधिवक्ता चौराहा किया जाए। इन्दौर अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश पाल के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि अहिल्याबाई होलकर न्याय सुशासन और लोककल्याण का प्रतीक रही हैं, इसलिए न्यायालयों में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाना चाहिए। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट में लेडी ऑफ जस्टिस अंग्रेजी मानसिकता की पहचान है। इसके स्थान पर देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। मालवा प्रांत की शासिका देवी अहिल्याबाई होलकर की देशभर में पहचान न्यायप्रिय देवी के रूप में है। उनके शासनकाल में सभी को समान रूप से न्याय मिलता था। उनके द्वारा देशभर में समाजसेवा के कार्य किए गए। इसके चलते प्रात: स्मरणीय देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा कोर्ट में स्थापित करना उचित रहेगा। यह हमारे देश की सांस्कृतिक गौरव और न्यायप्रियता काे प्रदर्शित करेगी। इस दौरान संघ ने चेक बाउंस के मुकदमों में अधिवक्ताओं को आ रही दिक्कतों, जिला न्यायालय की समस्याओं और परिवार न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों द्वारा वकीलों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया, जिस पर न्यायमूर्ति ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश पाल, उपाध्यक्ष जितेंद्र निम, सचिव धर्मेंद्र गुर्जर, सह-सचिव निमेष सोलंकी और कोषाध्यक्ष पल्लविका अध्यारू के साथ ही कार्यकारिणी सदस्य आयुष भोरहरी, सुमनलता मुकाती, सुधीर व्यास, नितिन पराशर, स्नेहिल वर्मा और श्यामा वर्मा भी मौजूद रहे।