अभी नही उजड़ेगा हजारों तोतों का आशियाना, हाईकोर्ट ने मेट्रो कॉर्पोरेशन को अनुमति की प्रति देने का कह सुनवाई दो सप्ताह बाद नियत की

इंदौर

इन्दौर | मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने इन्दौर की पुलिस कंट्रोल रूम रानी सराय में लगें वर्षों पुराने पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते कोर्ट ने मेट्रों कारपोरेशन से कहा कि यदि पेड़ काटने की इजाजत मिली है तो उसकी प्रति उपलब्ध कराएं और सुनवाई दो सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दी।
याचिका सुनवाई दौरान कोर्ट को मेट्रो कॉर्पोरेशन के एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने इजाजत ले ली है, इसलिए उन्हें अनुमति दी जाए। इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से आपत्ति ले कहा गया कि मेट्रो कॉर्पोरेशन ने इजाजत की कॉपी उन्हें नहीं दी है। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि मुख्य याचिका में पूरे एक्ट को चुनौती दी हुई है। जो एक्ट खुद कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है, उसके आधार पर अनुमति नहीं दी जा सकती। हजारों तोतों का आशियाना खत्म करने का निर्णय ऐसे ही नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने उनकी बात से सहमति जताते हुए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को उन्हें मिली इजाजत की प्रति याचिकाकर्ता के वकीलों को उपलब्ध कराने के लिए कहते सुनवाई दो सप्ताह बाद नियत की।