551 घरों में एक साथ गूंजा स्वाहाकार, गायत्री परिवार ने रचा अनूठा इतिहास

धार्मिक

:: मध्यप्रदेश में पहली बार सामूहिक गायत्री महायज्ञ, 551 देवकन्याओं ने कराया वैदिक अनुष्ठान ::
इंदौर । अखिल विश्व गायत्री परिवार के मार्गदर्शन और गुरुधाम गायत्री शक्तिपीठ कनाड़िया के तत्वावधान में मध्यप्रदेश में पहली बार 551 से अधिक घरों में एक साथ गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान घर-घर वैदिक मंत्रोच्चार और स्वाहाकार की गूंज सुनाई दी।
आयोजन की विशेषता रही कि 551 देवकन्याओं ने विभिन्न घरों में एक साथ यज्ञ संपन्न कराए। खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास और धार की गायत्री परिवार शाखाओं द्वारा प्रशिक्षित इन देवकन्याओं ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और नारी शक्ति का संदेश दिया।
गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक एवं संस्थापक 80 वर्षीय पं. शंकरलाल शर्मा ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संस्कार और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नारी सुरक्षा और युवा पीढ़ी के संस्कारों को लेकर समाज में चिंता है। ऐसे में देवकन्याओं के माध्यम से चरित्र निर्माण और संस्कृति संरक्षण का संदेश प्रभावी पहल है।
कमलेश्वर सिंह सिसोदिया और सुबोध बोर्डिंया ने बताया कि यज्ञ से एक दिन पहले जनजागरण के लिए ग्राम फेरी निकाली गई। इसमें देवकन्याओं और विदुषी नारी शक्तियों ने भगवा ध्वज के साथ पौधारोपण एवं व्यसनमुक्ति का संदेश दिया।
आयोजन में ग्रामीणों का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा। बिना टेंट और शामियाने के करीब 1200 देवकन्याओं एवं परिजनों के ठहरने की व्यवस्था ग्रामीणों ने अपने घरों में की। एक माह चले जनसंपर्क अभियान के परिणामस्वरूप निर्धारित लक्ष्य से अधिक घरों में यज्ञ संपन्न हुए। कई स्थानों पर एक ही दिन में क्रमवार दो-दो घरों में यज्ञ कराए गए।
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन धार्मिक अनुष्ठान के साथ देवसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, व्यसनमुक्ति और गौ-संवर्धन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना। 551 घरों में एक साथ हुआ यह महायज्ञ गायत्री परिवार की सामाजिक और सांस्कृतिक पहल के रूप में याद किया जाएगा।