नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाकर दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने ही नागरिकों से खुद को बचाने के लिए कानून बना रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने ही नागरिकों से लड़ रहे हैं और पेपर लीक, ई-20 फ्यूल जैसे मुद्दों पर उनके पुराने समर्थक भी उनके खिलाफ हो रहे हैं।
केजरीवाल का ये बयान तब हैं जब मेटा (मेटा) से जुड़े बड़े विवाद के बीच सूत्रों ने बताया कि कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री मोदी का फेसबुक वीडियो कुछ समय के लिए हटाने पर भारत सरकार से माफी मांगी है। जुकरबर्ग ने कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मटीरियल, डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई गलतियों के लिए खेद जताया है।
सूत्रों के अनुसार, मेटा ने स्वीकार किया कि गैर-कानूनी कंटेंट, जिसमें बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री शामिल थी, को खास ऑडियंस के लिए पेड प्रमोशन के माध्यम से बढ़ावा दिया था। केंद्र सरकार ने मेटा को स्पष्ट किया है कि वे इंटरमीडियरी (मध्यस्थ) की परिभाषा के दायरे में नहीं आते क्योंकि वे खुद कंटेंट का चुनाव करते हैं, इसलिए आईटी एक्ट के तहत सेफ हार्बर का नियम उन पर लागू नहीं होता।
घटनाक्रम के बीच, मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान की अगुवाई में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सेक्रेटरी एस. कृष्णन से मुलाकात की। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का फेसबुक वीडियो गलती से हटाने की जानकारी दी गई। इससे पहले, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर बनी संसदीय स्थायी समिति ने फेसबुक से प्रधानमंत्री का वीडियो हटाए जाने पर जुकरबर्ग से बिना शर्त माफी की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि भारत में प्लेटफॉर्म को मिलने वाली कानूनी छूट समाप्त की जा सकती है।

