दिमागी नक्सली समाज को भटकाने का अवसर तलाश रहे

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-प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश को किया संबोधित
-पहली बार हुआ लाल किले पर हुआ वंदे मातरम
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास पर जोर दिया। 76 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद काफी हद तक खत्म हो चुका है, लेकिन ‘‘दिमागी नक्सली’’ अभी भी समाज को भटकाने के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को पहचानकर अलग-थलग करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा से जोड़ने की जरूरत बताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था और आज जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां विकास का तिरंगा लहरा रहा है। हालांकि, उन्होंने चेताया कि हथियारबंद नक्सलियों के जाने के बाद भी वैचारिक स्तर पर समाज को हिंसा और अराजकता की ओर ले जाने की कोशिशें हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को पहचानना होगा और युवाओं को उनके प्रभाव से बचाना होगा।
महिला आरक्षण पर सभी दलों से साथ आने की अपील
महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की बात दोहराते हुए मोदी ने राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और सभी दल इस ऐतिहासिक कदम का हिस्सा बनें।
एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की भी घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना लक्ष्य है। इसके लिए कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले पांच-सात दशकों में नहीं हो सके, उन्हें अगले पांच-सात वर्षों में पूरा करने का प्रयास होना चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक पहचान पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता को देश की जरूरत बताते हुए कहा कि दूसरे देशों पर निर्भर रहकर भारत आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन देश को अपनी क्षमताएं विकसित करनी होंगी और अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी होगी। मोदी ने भारत की आर्थिक और कारोबारी महत्वाकांक्षाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फॉर्च्यून-500 में भारत की 50 कंपनियां होनी चाहिए और दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में भारत का कम से कम एक बैंक होना चाहिए। भारतीय कंसल्टिंग और अकाउंटिंग कंपनियों को भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को भारत की भविष्य की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान देने की क्षमता रखता है। ब्लू इकोनॉमी के तहत उन्होंने लंबी समुद्री तटरेखा, मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन और तटीय तकनीक के क्षेत्र में संभावनाएं गिनाईं। वहीं भारत की सॉफ्ट पावर का उल्लेख करते हुए उन्होंने योग, आयुर्वेद, संस्कृति, हस्तशिल्प, फिल्म, गेमिंग, वीएफएक्स, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम
स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। समारोह में पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम का गायन भी हुआ। संबोधन के बाद प्रधानमंत्री बच्चों से मिले। इसी दौरान एक छात्रा उनके पैर छूने के लिए झुकी तो उसके सिर से टोपी गिर गई। प्रधानमंत्री ने जमीन से टोपी उठाकर बच्ची के सिर पर दोबारा रख दी।
लाल राजस्थानी पगड़ी में नजर आए मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार गहरे लाल रंग की राजस्थानी पगड़ी पहनी, जिस पर पीले और सफेद बांधनी पैटर्न नजर आया। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से उनके पहनावे और खास तौर पर पगड़ी का अंदाज हर साल चर्चा में रहता है। पिछले वर्षों में वे कई बार केसरिया पगड़ी में नजर आ चुके हैं। इस बार की पगड़ी में राजस्थानी बांधनी शैली प्रमुख रही।