लोकसभा ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस

ताज़ा खबर देश-विदेश

-अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार हनन की शिकायत पर कार्रवाई
नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लोकसभा में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी किया गया है। लोकसभा ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल की शिकायतों के आधार पर राहुल गांधी से 28 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
दोनों भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया था कि 29 जुलाई को एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबंधित शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया था। लोकसभा में भाजपा के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोकसभा की ओर से जारी नोटिस का पत्र साझा किया। उन्होंने बताया कि अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। जायसवाल ने अपनी शिकायत में कहा था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से केंद्रीय गृह मंत्री की सांसद के रूप में गरिमा और संसद की मर्यादा प्रभावित हुई। उन्होंने 29 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ नियमों के तहत उचित कार्रवाई की मांग की थी।
अनुराग ठाकुर ने भी की थी शिकायत
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाए, लेकिन लोकसभा के नियम 353 के तहत उन आरोपों के संबंध में आवश्यक पूर्व सूचना नहीं दी गई।
राहुल ने छात्रों के हवाले से सरकार पर साधा था निशाना
सदन में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कई छात्रों से बातचीत की है और उनके अनुभवों का उल्लेख करते हुए पेपर लीक से युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे असर की बात कही। इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिन्हें असंसदीय बताते हुए आपत्ति जताई गई थी। बाद में लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश पर इन्हें सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। अब राहुल गांधी के जवाब के बाद यह तय होगा कि विशेषाधिकार संबंधी शिकायतों पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।