बोले- राजनीति और पत्रकारिता की भी अपनी कुछ सीमाएं तय होनी चाहिए
कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने मीडिया ट्रायल को लेकर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी का इस तरह जाना सिर्फ दिल तोड़ने वाला नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों की अंतरात्मा को झकझोरने वाला है जो मानते हैं कि राजनीति और पत्रकारिता की भी अपनी कुछ सीमाएं तय होनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक ने कहा कि आशीष बनर्जी के आखिरी नोट से साफ होता है कि उनके खिलाफ लगातार एक बदनाम करने वाला अभियान चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि बिना सच्चाई सामने आए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना, किसी इंसान की साख पर सवाल उठाना और जन-अदालत में उसे दोषी ठहरा देना बहुत ही गलत है। जीवनभर शिक्षक और जनसेवक रहे आशीष बनर्जी ने हमेशा ईमानदारी, गरिमा और सादगी के साथ बीरभूम के लोगों की सेवा की थी।
अभिषेक ने कहा कि इस तरह के बदनाम करने वाले अभियानों में शामिल लोगों को अपने शब्दों और कामों के मानवीय नतीजों पर जरूर सोचना चाहिए। राजनीतिक लड़ाइयां तो आती-जाती रहेंगी, लेकिन एक बार चली गई जान कभी वापस नहीं आ सकती। बंगाल ने अपनी मिट्टी के एक बेहद सम्मानित बेटे को खो दिया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह इस अकल्पनीय दुख की घड़ी में उनके परिवार, छात्रों और चाहने वालों को हिम्मत दे। टीएमसी के पूर्व विधायक और ममता सरकार में मंत्री रहे आशीष बनर्जी का शव रविवार को रामपुरहाट स्थित पार्टी दफ्तर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आशीष बनर्जी 2001 से 2021 तक लगातार पांच बार विधायक रहे, हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

