नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने ऐलान को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा बढ़ाए गए दबाव का परिणाम बताया है। कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शिक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर किया था। उन्होंने बताया था कि कैसे शोषणकारी कोचिंग उद्योग ने सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली की जगह ले ली है, इसकारण भारतीय परिवार अब कोचिंग सेंटरों पर भारत सरकार के शिक्षा निवेश से ढाई गुना अधिक खर्च कर रहे हैं।
राहुल गांधी के खुलासों और बढ़ते जन-दबाव के बाद ही प्रधानमंत्री मोदी को 15 अगस्त को छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा करने पर मजबूर होना पड़ा। हालांकि, कांग्रेस नेता रमेश ने सरकार की मंशा और पिछले रिकॉर्ड पर गंभीर सवाल उठा दिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की मौजूदा मुफ्त कोचिंग योजना बीते तीन सालों से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल साबित हुई है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को तीन साल में 10,500 उम्मीदवारों को मुफ्त कोचिंग देनी थी, लेकिन केवल 2,790 छात्रों को ही शामिल किया, जो कि लक्ष्य का मात्र 26 प्रतिशत है।
रमेश ने संसदीय स्थायी समिति की 10 अगस्त 2026 को पेश ताजा रिपोर्ट का हवाला देकर कहा योजना का बजट हर साल कम होता गया और बीते साल का खर्च आवंटित बजट के आधे से भी कम था। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार की मौजूदा योजनाओं को लागू करने में भारी नाकामी रही है, इसके बाद नई घोषणा की सफलता पर संदेह गहराता है।

