भारत से अच्छे रिश्ते बांग्लादेश के अपने हित में, शेख हसीना का बयान

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नई दिल्ली । बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक इंटरव्यू में भारत के साथ संबंधों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने साफ किया कि भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखना बांग्लादेश के अपने राष्ट्रीय हित में है, न कि दिल्ली पर कोई अहसान कर रहा है। यह बयान तब आया है जब तारिक रहमान के भारत आगमन पर संशय बना हुआ है और दोनों देशों के रिश्तों में कथित खटास देखी जा रही है, यहां तक कि बांग्लादेश सरकार ने हसीना की भारत में उपस्थिति को संबंधों में बड़ी अड़चन बताया है।
आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी कर हसीना ने मोहम्मद यूनुस और तारिक रहमान के शासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दौर में केवल सत्ता के चेहरे बदले हैं, दिशा नहीं, यूनुस ने बदले की भावना और संस्थाओं को खत्म करने की राजनीति शुरू की, इस रणनीति को पीएम तारिक रहमान ने जारी रखा। हसीना ने चिंता व्यक्त की कि अवामी लीग के कार्यकाल में 6.80 प्रतिशत रही जीडीपी वृद्धि अब 2.22% पर आ चुकी है, और देश को आर्थिक बर्बादी व अराजकता की ओर धकेला जा रहा है, जिससे औद्योगिक उत्पादन में भी भारी गिरावट आई है।
सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका को निजी महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी बताकर हसीना ने कहा कि वे अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने लोगों से उम्मीद न छोड़ने का आग्रह किया, याद दिलाया कि बांग्लादेश का जन्म बलिदान और धर्मनिरपेक्ष आदर्शों से हुआ है। उन्होंने आह्वान किया कि देशवासियों ने पहले भी पाकिस्तानी सेना और सैन्य शासन जैसी चुनौतियों को हराया है, और वे इस काले अध्याय को भी पराजित कर देने वाले है। हसीना लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, विकास और सम्मान की बहाली के लिए बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ी हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों के महत्व को रेखांकित कर हसीना ने कहा कि ये रिश्ते इतिहास, भूगोल, स्वतंत्रता संग्राम, सुरक्षा, व्यापार और 1971 के बलिदान से गहरे जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ढाका में किसी भी सरकार को यह समझना चाहिए कि भारत के साथ अच्छे संबंध ढाका के अपने राष्ट्रीय हित में हैं। उनके अनुसार, एक लोकतांत्रिक और स्थिर बांग्लादेश ही भारत के लिए सबसे अच्छा पड़ोसी साबित हो सकता है, और इसी से क्षेत्रीय सहयोग व राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा संभव है।