-शशि थरुर ने एनडीआरएफ की टीम और हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने की मांग की
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर नेपाल में बाढ़ में लापता भारतीयों को बचाने के लिए सरकार की कोशिशों की तारीफ की और साथ ही सुझाव भी दिए। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद कई भारतीय अभी भी लापता हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इनकी संख्या 287 है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक थरूर ने अपने पत्र में केंद्र सरकार से बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की पूरी टीम और हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सरकार से अपील की कि फंसे हुए लोगों या मलबे के नीचे दबे जीवित लोगों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाए। थरूर ने पत्र में कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है। उम्मीद की गुंजाइश कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं आपको उन भारतीय नागरिकों के बारे में लिख रहा हूं, जो 26 अगस्त को नेपाल में आए अचानक बाढ़ के बाद से लापता हैं। भारत की प्रतिक्रिया तेज और असरदार रही है। प्रधानमंत्री का काठमांडू से तुरंत संपर्क करना, राहत सामग्री भेजना, रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की टीम भेजना और कंट्रोल रूम व दूतावास की हेल्पलाइन शुरू करना-इन सभी कदमों से फर्क पड़ा है।
बता दें पिछले बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों का एवलांच आया, जिससे पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब नीचे की ओर बह निकला। इसने मध्य नेपाल में कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और पनबिजली स्टेशनों को बहा ले गया। शनिवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 669 हो गई, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
शशि थरूर ने कहा कि नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और उनकी टीम ने दिन-रात काम किया है। तिब्बत से उस समूह की वापसी जिसका आपने खुद एयरपोर्ट पर स्वागत किया था, उसने कई परिवारों को तीन दिनों में उम्मीद की पहली किरण दिखाई। थरुर ने कहा कि त्रिशूली-1 में भारतीय कर्मचारियों को बचाना एक बड़ी कामयाबी थी। कई लोगों ने मुझसे कहा है कि मैं व्यक्तिगत रूप से आपका आभार व्यक्त करूं और मुझे ऐसा करने में खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मैं यह आग्रह करने के लिए मजबूर महसूस कर रहा हूं कि हमारी कोशिशें अब उस घटना के पैमाने और गंभीरता के अनुरूप होनी चाहिए जो हुई है।

