:: आशीष कासठ भी साहित्य सम्मान से नवाजे गए; सम्मान समारोह के बाद चार घंटे चला अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ::
इंदौर । हास्य-व्यंग्य के लिए दिए जाने वाले काका हाथरसी राष्ट्रीय सम्मान का 21वां संस्करण बुधवार को इंदौर में आयोजित हुआ। इसमें उज्जैन के हास्य कवि अशोक भाटी को 21वें काका हाथरसी राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं कुंभराज के साहित्यकार आशीष कासठ को साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। रीगल चौराहा स्थित प्रीतमलाल दुआ सभागार में राष्ट्रीय कलमकार मंच की ओर से आयोजित समारोह के बाद अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें देशभर के कवियों ने हास्य-व्यंग्य, गीत, वीर रस और संवेदनाओं से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
करीब चार घंटे चली काव्य संध्या में श्रोता कभी हास्य-व्यंग्य पर ठहाके लगाते रहे तो कभी संवेदनात्मक और ओजपूर्ण रचनाओं पर तालियों से दाद देते रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
:: सम्मान के बाद भाटी ने सुनाए व्यंग्य ::
अशोक भाटी ने सम्मान प्राप्त करने के बाद काव्य पाठ किया। उन्होंने समसामयिक राजनीति और व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए सुनाया-
“प्रधान जी बोले, भाई साहब आपका प्रस्ताव तो बहुत जचा है,
हार तो खत्म हो गए, अब केवल डंडा ही बचा है…”
पंक्तियां सुनते ही सभागार ठहाकों से गूंज उठा। श्रोताओं ने तालियों के साथ भाटी का अभिवादन किया।
राष्ट्रीय कलमकार मंच के अध्यक्ष डॉ. पंकज बिरमाल ने बताया कि काका हाथरसी सम्मान इससे पहले गुरु सक्सेना, मनोहर मनोज, चकाचौंध ज्ञानपुरी, पंडित अशोक नागर, जानी बैरागी और सबरस मुरसानी सहित साहित्य एवं हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र से जुड़े रचनाकारों को दिया जा चुका है।
:: कविता में जीवन की संवेदना ::
इंदौर की डॉ. ममता सिंह ने मानवीय संवेदनाओं को स्वर देते हुए सुनाया-
“हर दर्द को सीने से लगाया नहीं जाता,
हर बात पे अश्क गिराया नहीं जाता…”
राष्ट्रीय कवि एवं कार्यक्रम के सूत्रधार सत्येन वर्मा सत्येन ने सामाजिक विसंगतियों और व्यवस्था पर कटाक्ष किया-
“सोच छोटी नाम से दिखते बड़े हैं,
कागजों में आज नकली आंकड़े हैं…”
:: गीत, पीड़ा और वीर रस से सजा मंच ::
आगरा के गीतकार डॉ. राजकुमार रंजन ने संघर्ष और आत्मविश्वास पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। धौलपुर की कवयित्री रजिया बेगम जिया ने पारिवारिक जीवन की पीड़ा को शब्द दिए। पचोर के कवि मिथुन मिथिलेश ने वीर रस की रचनाओं से राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का भाव जगाया।
:: ये रहे मौजूद ::
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सत्यनारायण सत्यन ने की। विशिष्ट अतिथियों में सुभाष खंडेलवाल, डॉ. अर्पित जैन चोपड़ा, पूर्व मंत्री दिलीप राजपाल, पूर्व मंत्री योगेंद्र महंत, एस.एन. गोयल, रामबाबू अग्रवाल और अजय यादव (अज्जू) मौजूद रहे।
राष्ट्रीय कलमकार मंच के अध्यक्ष डॉ. पंकज बिरमाल, महासचिव संजय श्रीमाल, संयोजक कमलेश्वर सिंह सिसोदिया दरबार, प्रधानमंत्री कैलाश खंडेलवाल एवं सचिव धीरज दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन सत्येन वर्मा सत्येन ने किया।

