मेट्टूर डैम के गेट खुलवाकर पानी छोड़ा, किसानों को धोती-साड़ियां भी बांटी
चेन्नई । तमिलनाडु के सीएम विजय ने मेट्टूर में कावेरी डेल्टा जिलों में सिंचाई के लिए मेट्टूर डैम के गेट खुलवाए और पानी छोड़ा। सलेम जाते समय वे चिन्नागवुर में बुजुर्ग महिला चेल्लम के घर गए। विजय ने चेल्लम से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। इसी दौरान उन्होंने अपना डियोर का सनग्लास उतारकर चेल्लम को दे दिया। इसकी कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई जा रही है। चेल्लम ने सनग्लास पहनकर अभिवादन किया और कहा कि विजय को अचानक सामने देखकर वह हैरान रह गईं। विजय उन्हें फिल्मी हीरो जैसे लगे। विजय ने उनसे पूछा कि उन्होंने खाना खाया या नहीं। चेल्लम ने बताया कि वह उनका इंतजार कर रही थीं। विजय ने उन्हें खाना खाने को कहा और बताया कि वह खुद खाना खा चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विजय का यह दौरा पहले से तय नहीं था। मेट्टूर से एयरपोर्ट जाते समय वे खेत के पास रुके और बुजुर्ग महिलाओं से मिले। विजय किसान पलानीसामी के पशु शेड में गए और लोगों से बातचीत की। उन्होंने चेल्लम को साड़ी और किसानों को सिल्क की धोती-साड़ियां बांटी। 15 मिनट के इस दौरे का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई विजय को नुकसान पहुंचाएगा तो वह उनका बचाव करेंगी। चेल्लम ने अपनी निजी परेशानी नहीं बताई। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें राशन कार्ड की समस्या है और उम्र के कारण वह काम नहीं कर पाती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक विजय ने मेट्टूर डैम से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा। जलस्तर 90 फीट से ऊपर पहुंचने के बाद गेट खोले गए। कम बारिश और कावेरी में कम पानी के कारण इस बार पानी देर से छोड़ा गया। विजय विमान से चेन्नई से सलेम पहुंचे और सड़क से मेट्टूर गए। रास्ते में लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। डैम पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने आठ गेट खोलकर पानी छोड़ा और कावेरी नदी को फूल चढ़ाए। शुरुआत में 3,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों से पानी का जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने को कहा गया है। कुछ किसानों का कहना है कि 45 दिन तक पानी छोड़ना पूरी फसल के लिए पर्याप्त नहीं होगा। पूरे सीजन के लिए पानी देना चुनौती बना हुआ है। पानी छोड़ने के साथ डैम में बिजली उत्पादन भी शुरू हो गया है। यहां 460 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। कार्यक्रम के बाद विजय ने डैम के निर्माण से जुड़ी फोटो प्रदर्शनी देखी। उन्होंने अधिकारियों और किसानों से सिंचाई और खेती की समस्याओं की जानकारी ली।

