अलीराजपुर रेल नेटवर्क से जुड़ा, पश्चिमी एमपी को नई रेल कनेक्टिविटी

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:: मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का किया लोकार्पण-भूमिपूजन; 2,800 किमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरा ::
इंदौर/वडोदरा । मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर क्षेत्र को रेल सेवा से जोड़ने वाली नई ट्रेन शुरू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने छोटा उदेपुर और अलीराजपुर को रेल सेवा से जोड़ने वाली नई ट्रेन शुरू होने का उल्लेख किया। इससे पश्चिमी मध्यप्रदेश में आवागमन के साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
:: अलीराजपुर को रेल संपर्क से खुलेंगे नए अवसर ::
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल, मेट्रो, हवाई अड्डे और गैस पाइपलाइन जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार केवल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इनके आसपास उद्योग, कारोबार और रोजगार के अवसर भी पैदा करता है। उन्होंने गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक रेल संपर्क बढ़ने को इसी बदलाव से जोड़ा।
मोदी ने कहा कि बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से किसानों को भी लाभ होगा। फूल, फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली कृषि उपज कम समय में बड़े बाजारों और मंडियों तक पहुंचाई जा सकेगी। मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में तेज माल परिवहन से कृषि उपज की बाजार तक पहुंच आसान होने की संभावना है।
:: 2,800 किमी फ्रेट कॉरिडोर पूरा, माल ढुलाई होगी तेज ::
प्रधानमंत्री ने 2,800 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने को देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यात्री और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग उपलब्ध होने से मालगाड़ियों की गति और संख्या बढ़ी है। इससे परिवहन समय, ईंधन खपत और माल ढुलाई लागत कम होने के साथ सड़क परिवहन पर दबाव भी घटेगा।
उन्होंने जेएनपीटी से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी के संचालन का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ट्रेन में बड़ी मात्रा में माल ले जाना संभव होगा। इससे माल परिवहन अधिक तेज और कुशल होगा।
प्रधानमंत्री ने वडोदरा में सी-295 सैन्य परिवहन विमान निर्माण, सौर ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास और आधुनिक तकनीकों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने पर जोर देते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।