वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की तेज आर्थिक वृद्धि
मुंबई । भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अब केवल देश तक सीमित नहीं रहेगा। भारत के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले अन्य देशों तक भी यूपीआई का विस्तार करने की दिशा में केंद्र सरकार प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-2026 के उद्घाटन के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि यूपीआई भारत के फिनटेक क्षेत्र में आए बदलाव का प्रमुख आधार है और इसके उल्लेख के बिना भारत की फिनटेक कहानी अधूरी है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के सातवें संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया। चार दिवसीय यह आयोजन 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में दुनिया भर से वित्तीय तकनीक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं दिग्गज शामिल हुए। पीएम मोदी ने भारत-सिंगापुर के बीच यूपीआई कनेक्टिविटी का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच यूपीआई के जरिए लेन-देन करना अब लगभग उतना ही आसान हो गया है, जितना भारत के दो शहरों के बीच भुगतान करना। इसी मॉडल को भारत के साथ व्यापार करने वाले अन्य देशों में भी लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने यूपीआई को केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत सोच और आर्थिक समावेशन की कहानी से जोड़ते हुए इसके वैश्विक विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 अगस्त को यूपीआई ने अपने दस वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब दस वर्ष पहले यह कहा जाता था कि ‘आपकी बैंक आपके हाथ में होगी’, तब कई लोगों को यह बात असंभव लगती थी। आज यूपीआई ने वित्तीय सेवाओं को बेहद आसान, तेज और आम नागरिकों की पहुंच में ला दिया है।
- वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की तेज आर्थिक वृद्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर जारी संघर्ष, अनिश्चितता, ऊर्जा एवं आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव और व्यापारिक तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। उनके अनुसार, मुश्किल वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत की यह आर्थिक गति पूरी दुनिया के लिए नई उम्मीद का संकेत है। उन्होंने भारत की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग में हालिया सुधार का भी उल्लेख किया। मोदी के अनुसार, जापान की एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने हाल ही में भारत की संप्रभु रेटिंग को ‘ए’ श्रेणी में सुधारा है। करीब तीन दशक बाद हुआ यह सुधार भारत की आर्थिक वृद्धि, व्यापक आर्थिक स्थिरता और पिछले कुछ वर्षों में किए गए संरचनात्मक सुधारों पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हर बार आने पर उन्हें नई ऊर्जा का अनुभव होता है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी और नई संभावनाओं का विस्तार भारत के बदलते आर्थिक परिदृश्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ रही है और अनेक लोगों के सपने अब वास्तविकता में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस वर्ष ग्लोबल फिनटेक फेस्ट की थीम ‘पोटेंशियल टू इम्पैक्ट : एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम-ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इन्क्लूसिव फाइनेंस’ रखी गई है। महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आगामी गणेशोत्सव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने गणराय को नमन किया और फिनटेक फेस्ट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

