इन्दौर पुलिस ने नौकरी के लिए छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट लेकर उन्हें धमकाते हुए वसूली करने वाले एझेडएफए इंटरप्राइजेज नामक कंसल्टेंसी एजेंसी संचालक मयंक सर्राफ को गिरफ्तार कर उसके पास से कई छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट बरामद की है। मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मंयक के कब्जे से कक्षा 10वीं और 12वीं की कुल 313 मूल मार्कशीट बरामद की गई हैं। आरोपी प्रत्येक मार्कशीट लौटाने के बदले 5 हजार रुपए की मांग करता था। पैसे नहीं देने पर छात्रों को जान से मारने की धमकी भी देता था।
सहायक पुलिस आयुक्त पराग सैनी के अनुसार कई छात्रों ने शिकायत दर्ज कराते बताया था कि ऑर्बिट मॉल में संचालित कंसल्टेंसी के संचालक मयंक सर्राफ ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनकी मूल मार्कशीट अपने पास रख ली है। बाद में मार्कशीट लौटाने के लिए प्रति दस्तावेज 5 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। विरोध करने पर छात्रों को धमकाया भी जा रहा था। शिकायत के बाद जांच का जिम्मा थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल को सौंपा गया। प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी मयंक सर्राफ निवासी राजीव मार्ग सोनकच्छ के खिलाफ धारा 308 (5), 316 (5) और 318 (4) में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर उसके कार्यालय से तलाशी करते 10वीं और 12वीं कक्षा की 313 मूल मार्कशीट जब्त कीं। पूछताछ में मंयक ने बताया कि वह एझेडएफए इंटरप्राइजेज नाम से फर्म संचालित कर इंदौर में पढ़ाई के लिए आए छात्रों को पार्ट टाइम, फुल टाइम नौकरी दिलाने का काम करता है। नौकरी की तलाश में आने वाले छात्रों से आरोपी पहले उनकी मूल मार्कशीट अपने पास जमा करवा लेता था। इसके बाद उन्हें टॉस्क अस, टेलीपरफॉर्मेंस, निजी बैंकों सहित अन्य संस्थानों में नौकरी दिलाने की बात कहता था। नौकरी मिलने के बाद प्रत्येक छात्र से 5 हजार रुपए वसूलने तक वह उनकी मूल मार्कशीट वापस नहीं करता था। पुलिस मंयक से गहन पूछताछ कर इसके अलावा अन्य वारदातों की भी जानकारी निकाल रही है।

