इन्दौर नेपाल में दुनिया के दूसरे सबसे ऊँचे बंजी जंप से प्रेरित होकर स्काइडाइविंग को एक तकनीकी खेल के रूप में सीखने का फैसला करने के बाद शहर की प्रतिभाशाली और होनहार युवा अमिता गौड़ ने रूस के ग्रोज़्नी में एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर स्काइडाइवर में ए सर्टिफिकेशन प्राप्त किया। अपनी इस उपलब्धि के साथ ही अमिता मध्य प्रदेश की पहली महिला स्काइडाइवर बन गई हैं। अमिता ने ईएमएस प्रतिनिधि से चर्चा करते बताया कि उनकी ट्रेनिंग एक्सीलरेटेड फ्री फॉल (एएफएफ) से शुरू हुई, जिसमें हवा में बॉडी पोजीशन, स्टेबिलिटी और इमरजेंसी प्रोसीजर का अभ्यास कराया जाता है। 13,500 फीट की ऊँचाई से छलांग लगाने के बाद, उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण 5,500 फीट की हॉप एंड पॉप जंप रही, जहाँ कम समय में तुरंत पैराशूट खोलना होता है। कुल 25 जंप, कैनोपी कंट्रोल और लैंडिंग एक्यूरेसी की परीक्षा पास कर उन्होंने यह ए ग्रेड लाइसेंस हासिल किया।
अमिता ने बताया कि रूस में अपनी ट्रेनिंग के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव और सुरक्षा कारणों से उन्हें दो रातें बंकर में भी बितानी पड़ी। इसके अलावा खराब मौसम जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना प्रशिक्षण जारी रखा। अब वे दुनिया के किसी भी ड्रॉप जोन में सोलो जंप कर सकती हैं। अपनी सफलता का श्रेय पति और परिवार को देते हुए उन्होंने महिलाओं को अपने सपनों को सीमित नहीं करने और एडवेंचर स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने का संदेश दिया है। भविष्य के बारे में अमिता का कहना है कि स्काइडाइविंग में अपने स्किल्स और एक्सपीरियंस को और आगे बढ़ाऊ तथा मध्यप्रदेश के साथ ही देश का नाम भी रोशन करूं।

