साइबर चुनौतियों से निपटने पुलिस-जेल अमले को मिलेगी विशेषज्ञ ट्रेनिंग

मध्य प्रदेश

:: राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू; भोपाल में साइबर सिक्योरिटी व डिजिटल फोरेंसिक के पाठ्यक्रम भी ::
भोपाल/इंदौर । साइबर और डिजिटल फोरेंसिक से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश के पुलिस और जेल मुख्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर और मध्यप्रदेश सरकार के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में एमओयू हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। साइबर और फोरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान का विस्तार जरूरी है। इससे डिजिटल व्यवस्थाओं में सतर्कता, सुरक्षा और जनहित सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
:: भोपाल में विकसित होगा स्थायी परिसर ::
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर के संचालन और समन्वय के लिए विश्वविद्यालय तथा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के बीच रिलेशनशिप एग्रीमेंट भी हुआ। विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर आरजीपीवी परिसर की 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। फिलहाल आरजीपीवी ने अस्थायी भवन उपलब्ध कराया है।
भोपाल परिसर में साइबर सिक्योरिटी में बीटेक तथा डिजिटल फोरेंसिक एवं साइबर सिक्योरिटी में एमएससी पाठ्यक्रम संचालित हैं। वर्तमान में यहां 84 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
:: सात राज्यों में परिसर, 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षण ::
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना गृह मंत्रालय ने 28 सितंबर 2020 को की थी। इसका कार्यक्षेत्र रक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, विस्तार और सेवाओं से जुड़ा है। विश्वविद्यालय के सात राज्यों में क्षेत्रीय परिसर स्थापित किए जा चुके हैं और अब तक करीब 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
भोपाल में विश्वविद्यालय का परिसर स्थापित करने का निर्णय राज्य मंत्रिपरिषद ने 1 जुलाई 2025 को लिया था।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, तकनीकी शिक्षा आयुक्त अवधेश शर्मा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक राकेश कुनवर और आरजीपीवी के कुलपति आलोक शर्मा सहित अधिकारी मौजूद रहे।