अक्सर शब्दों को हम अपने मन में चल रहे विचारों को व्यक्त करने का एक सामान्य जरिया मानते हैं। लेकिन वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट अजीत वी खावड़ का मानना है कि हम बार-बार जो कहते हैं, उसका असर हमारे आसपास के माहौल और ऊर्जा पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि खासकर मुश्किल समय में अपने शब्दों को लेकर सजग रहना जरूरी है। वह लोगों को सलाह देते हैं कि कुछ भी बोलने से पहले एक पल रुकें और खुद से पूछें कि वह बात सकारात्मक है या नकारात्मक।वह कहते हैं, “बोलने से पहले 32 बार सोचिए। मैं नेगेटिव बोल रहा हूं या पॉजिटिव?” उनके मुताबिक, लोगों को खास तौर पर ऐसी बातें कहने से बचना चाहिए जिन्हें वे अपनी जिंदगी में सच होते हुए नहीं देखना चाहते।मुश्किल दौर से गुजरते समय यह और भी जरूरी हो जाता है। कई बार निराशा या परेशानी में इंसान ऐसी बातें कह देता है, जिनका वह वास्तव में मतलब नहीं रखता।

