कांग्रेसियों ने आईडीए कार्यालय पर किया जंगी प्रदर्शन, दोहरी नीति का लगाया आरोप

मध्य प्रदेश

इन्दौर | इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा मैदान आवंटन को लेकर दोहरी नीति अपनाने के चलते आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में आज इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस की उनसे धक्का मुक्की भी हुई और पुलिस ने वाॅटर केनल से उन्हें तितर बितर करने का प्रयास किया। कांग्रेसियों का आरोप है कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए जिस प्राधिकरण ने मैदान का किराया 14 लाख रुपए से अधिक लिया उसी प्राधिकरण ने विजय नगर में भाजपा के कार्यक्रम के लिए जमीन मुफ्त उपलब्ध करा दी। कांग्रेस ने पूछा कि भाजपा के आयोजन के लिए क्या कोई शर्त या शुल्क तय किया था। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने विजय नगर में 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए भाजपा के कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराई गई जमीन का हिसाब भी मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि इस आयोजन के लिए IDA ने कितनी राशि ली, क्या कोई शुल्क माफ किया गया और मैदान के उपयोग को लेकर आयोजकों पर कौन-सी शर्तें लागू थीं। कांग्रेस का कहना है कि IDA को सभी आयोजनों के लिए आवंटन की शर्तें और शुल्क सार्वजनिक करने चाहिए। अब प्राधिकरण के जवाब से स्पष्ट होगा कि अलग-अलग आयोजनों के लिए किराया और नियम किस आधार पर तय किए गए। इसके अलावा कांग्रेस ने पिछले साल और इस साल के इसी मैदान पर पटाखा बाजार के लिए दुकानों के आवंटन, शुल्क और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने आशंका जताई है कि शुल्क निर्धारण में अंतर या प्रक्रिया में अनियमितता होने से शासन को राजस्व का नुकसान हो सकता है। मामले में आईडीए के सीईओ परिक्षित झाड़े का कहना है कि 7 अक्टूबर को विजय नगर में आईडीए की जमीन पर हुआ आयोजन भाजपा का नहीं था। वह शासन का कार्यक्रम था, इसलिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया है। इसके अलावा रीजनल पार्क में 19 सितंबर को हुए राहुल गांधी के आयोजन के लिए अनुमति के हिसाब से ही राशि ली गई है। पटाखा व्यापारियों ने दुकान लगाने के लिए अनुमति मांगी है।