विहिप ने धर्म के नाम पर चंदा चोरी कर देशवासियों को धोखा दिया : दिग्विजय सिंह

इंदौर

राम मंदिर के चंदे में भी गड़बड़ी के आरोप; 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी सत्य, सनातन स्वाभिमान यात्रा ::
इंदौर । पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर धर्म के नाम पर चंदा जुटाने में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन ने देशवासियों को धोखा दिया। उन्होंने दावा किया कि 1990 में शिला पूजन और यात्रा के नाम पर करीब 1400 करोड़ रुपए जुटाए गए, लेकिन सार्वजनिक रूप से सवा आठ करोड़ रुपए का ही हिसाब दिया गया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे में भी उन्होंने गड़बड़ी के आरोप लगाए। सिंह स्टेट प्रेस क्लब, मप्र के रूबरू कार्यक्रम में मीडिया से चर्चा कर रहे थे।
सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के गठन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें धर्माचार्यों के बजाय विहिप के पदाधिकारियों को जगह दी गई और चंदे के प्रबंधन में अनियमितताएं हुईं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हिंदू धर्म को सनातन धर्म बताकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।
:: 20 अक्टूबर से शुरू होगी सत्य, सनातन स्वाभिमान यात्रा ::
सिंह ने बताया कि उनकी सत्य, सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन में महाकाल दर्शन के साथ शुरू होगी। 30 दिसंबर तक चलने वाली यह यात्रा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में करीब 850 किमी का सफर तय करेगी। यात्रा में प्रतिदिन दो सत्रों में करीब 15 किमी चलने की योजना है। उन्होंने इसे गैरराजनीतिक यात्रा बताते हुए सभी धर्मों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया। सिंह के अनुसार, देश के दो प्रमुख शंकराचार्यों का आशीर्वाद भी यात्रा को मिल चुका है।
:: एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल ::
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सिंह ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने को लेकर गंभीर सवाल हैं। पंजाब का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि हटाए गए 22.69 लाख मतदाताओं में से 22.66 लाख नाम दोबारा जोड़ दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि यदि इतने नाम वापस जोड़ने थे, तो पहले हटाए क्यों गए? सिंह ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा जरूरी है।
:: बोले- मप्र पर छह लाख करोड़ का कर्ज ::
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश पर करीब छह लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है और लाड़ली बहना योजना सरकार के गले पड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव जीतने के लिए यह योजना शुरू की थी। सिंह के अनुसार, वित्तीय प्रबंधन की कमी के कारण विकास के कई काम प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ने और कलेक्टर, एसपी व थाना प्रभारियों की पोस्टिंग के लिए बड़ी रकम लिए जाने के आरोप भी लगाए। सिंह ने कहा कि प्रदेश में जनता से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने गांधीवादी तरीके से अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे जेन-जी की सराहना की।
:: विचारधारा से जुड़े रहने की कही बात ::
कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की वापसी के सवाल पर सिंह ने कहा कि व्यक्ति को पद और कुर्सी के बजाय विचारधारा से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की वापसी पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को संबंधित क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं से सलाह लेनी चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, मुख्य महासचिव नवनीत शुक्ला और वरिष्ठ पत्रकार समीर खान ने सिंह का स्वागत किया। इस दौरान सिंह ने गांधीजी पर केंद्रित पुस्तक बहुरूपी गांधी का विमोचन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता केके मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा, निलाभ शुक्ला और हर्ष जैन सहित अन्य लोग मौजूद थे। अंत में सुनील जैन ने आभार माना।