भोपाल । स्वदेशी उत्पादों को खरीदने से देश का पैसा देश में ही रहेगा और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी उद्देश्य से ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा दिया है। यह बात स्वदेशी मेले के तीसरे दिन अतिथि बकुल लाड ने कही। शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय परिसर में स्वदेशी जागरण मंच और स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन की ओर से आयोजित यह मेला 4 नवंबर तक चलेगा।
अतिथि किशन सूर्यवंशी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाना जरूरी है। केवल स्वदेशी की बात करना पर्याप्त नहीं, इसे व्यवहार में भी उतारना होगा। लोगों को मेले में आकर उत्पादों की खरीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उपकरणों से लेकर चिप और जहाज निर्माण तक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
संजय नागेश ने कहा कि देश की राजनीतिक मजबूती के साथ आर्थिक मजबूती भी जरूरी है। वहीं, मेला संयोजक सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि स्वदेशी मेला स्थानीय कंपनियों को अपने उत्पादों के प्रचार और बिक्री का अवसर देता है। स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से घरेलू उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
चित्रकला प्रतियोगिता में 30 बच्चों ने लिया हिस्सा
मेले के दूसरे दिन पर्यावरण विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में तीन आयु वर्गों के 30 बच्चों ने भाग लिया। 5 से 10 वर्ष वर्ग में श्रीजता शाह, 11 से 16 वर्ष वर्ग में कनक सक्सेना और 17 से 25 वर्ष वर्ग में दीपशिखा मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रत्येक वर्ग में द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। राज यादव, मोहिनी चौधरी और पूर्णिमा अहिरवार को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
रविवार को मेले में कथक नृत्य, बांसुरी-तबला वादन और सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी हुईं। सोमवार को लोक नृत्य, देशभक्ति गीत और भजन संध्या आयोजित होगी। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत मंत्री अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

