एकतानगर में प्रकृति के बीच साकार होगी ‘विविधता में एकता’, पीएम मोदी करेंगे अनूठी इको-ट्रेल का उद्घाटन

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राष्ट्रीय एकता दिवस पर 31 अक्टूबर को पर्यटकों को मिलेगी 2.62 किलोमीटर लंबी ‘ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया’ की सौगात
नर्मदा | एकतानगर आने वाले पर्यटक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता निहारने के बाद अब प्रकृति के सानिध्य में भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना का भी अनुभव कर सकेंगे। एकतानगर के पर्यटन आकर्षणों में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यहाँ 2.62 किलोमीटर लंबी अनूठी वन इको-ट्रेल विकसित की गई है। ‘ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया’ नामक इस इको-ट्रेल में प्रकृति, वन्यजीव, महिला सशक्तीकरण, युवा, भारतीय विरासत और अध्यात्म की झलक देखने को मिलेगी। आगामी 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर्यटन आकर्षण का पर्यटकों के लिए उद्घाटन करेंगे।
विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने एकतानगर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। प्रतिमा के उद्घाटन से अब तक तीन करोड़ से अधिक पर्यटक इस स्थल का भ्रमण कर चुके हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी (एसओयूएडीटीजीए) द्वारा एकतानगर में पर्यटन सुविधाओं तथा नए आकर्षणों का लगातार विकास किया जा रहा है।
इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्राधिकरण ने लीमडी गाँव में इको-ट्रेल विकसित की है। यह पर्यटकों को प्रकृति के बीच भ्रमण का अवसर देने के साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देगी।

  • पाँच थीमैटिक जोन में भारत की विविधता की झलक
    ‘ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया’ की सबसे बड़ी विशेषता इसके पाँच थीमैटिक जोन हैं। वन्यजीव एवं प्रकृति, युवा, महिला सशक्तीकरण, विरासत और आध्यात्मिकता; इन पाँच विषयों को केन्द्र में रखकर ट्रेल पर विभिन्न थीम आधारित प्रदर्शनियाँ और कलात्मक शिल्प स्थापित किए गए हैं। ये जोन पर्यटकों को भारत की प्राकृतिक समृद्धि, सामाजिक प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं की झाँकी कराएंगे।
    यह ट्रेल प्रकृति तथा राष्ट्रीय एकता के संदेश को जोड़ने वाला एक विशिष्ट अनुभव बनेगी। पर्यटक हरे-भरे जंगलों के बीच पैदल भ्रमण करते हुए विभिन्न विषयों पर आधारित कलात्मक संरचनाओं को देख सकेंगे और प्रकृति के सानिध्य में समय व्यतीत कर सकेंगे।
  • पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएँ भी शामिल
    इको-ट्रेल को पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए आकर्षक प्रवेश द्वार, पार्किंग, टिकट बूथ और सूचना केन्द्र सहित विभिन्न सुविधाएँ विकसित की गई हैं। इसके अतिरिक्त; मल्टीपर्पज गजेबो, बायोटॉयलेट्स, पीने के पानी की व्यवस्था, बाँस से निर्मित वॉच टावर, दिशासूचक एवं सूचनात्मक साइनबोर्ड, पत्थर से बने बैठक स्थल और ट्रेल का नक्शा जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन व्यवस्थाओं से पर्यटकों को वन क्षेत्र में आसानी से भ्रमण करने और विभिन्न स्थलों के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
  • इको-टूरिज्म को मिलेगा प्रोत्साहन
    एकतानगर में इको-ट्रेल के विकास से प्रकृति आधारित पर्यटन को गति मिलने के साथ पर्यावरण एवं जैवविविधता के प्रति जागृति भी बढ़ेगी। पर्यटकों को वन्यजीवों का निरीक्षण करने, प्रकृति के बीच भ्रमण और पर्यावरण से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। पैदल भ्रमण और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियाँ पर्यटकों को प्रकृति के सान्निध्य में आने का अनुभव कराएंगी और स्वास्थ्य-लाभ का अवसर भी प्रदान करेंगी।
    इसके अलावा; पर्यटकों को एक डेस्टिनेशन उपलब्ध होने से एकतानगर में उनके ठहरने की अवधि बढ़ने की संभावनाएँ बढ़ेंगी। इससे पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित करने में भी सहायता मिलेगी।
    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर क्षेत्र के अन्य आकर्षणों के साथ अब ‘ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया’ एकतानगर के पर्यटन अनुभव को और अधिक विविधतापूर्ण बनाएगी। प्रकृति की शांति, भारत की सांस्कृतिक विरासत की झलक और राष्ट्रीय एकता का संदेश; इन तीनों का समन्वय करने वाली यह इको-ट्रेल एकतानगर को पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत पहचान दिलाने में सहायक बनेगी।