कुछ शक्तियां समाज के विचार बदलने का प्रयास कर रही हैं : अतुल लिमये

इंदौर

:: संघ के शताब्दी वर्ष का समापन पर डेली कॉलेज में चरैवेति एकत्रीकरण, बोले- समाज के शत-प्रतिशत लोगों तक पहुंचना लक्ष्य, 10 लाख से अधिक संस्थाओं में समन्वय जरूरी ::
इंदौर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि कुछ शक्तियां समाज को आंदोलित कर उसके विचार बदलने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में देश में राष्ट्रीय विचार के अनुकूल वातावरण तैयार करना होगा। विकसित भारत के निर्माण के लिए समाज के मन को अनुकूल बनाना जरूरी है। बुधवार शाम डेली कॉलेज में संघ के शताब्दी वर्ष के समापन पर आयोजित चरैवेति एकत्रीकरण में उन्होंने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा स्वयंसेवकों के परिश्रम और समर्पण की विजय यात्रा है। अब समाज के शत-प्रतिशत लोगों तक पहुंचना लक्ष्य है।
लिमये ने इंदौर विभाग के पांच जिलों से आए स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि शाखाओं के माध्यम से संघ ने व्यक्ति निर्माण की पद्धति विकसित की है। इससे देश और समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवकों की लंबी श्रृंखला तैयार हुई है। राम मंदिर आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान 45 दिनों में 14 करोड़ परिवारों से संपर्क किया गया था। अब संघ के विचार को स्वयंसेवकों तक सीमित रखने के बजाय समाज में व्यापक विमर्श का वातावरण बनाना होगा।
:: समाज की चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी ::
लिमये ने कहा कि समाज के सामने विषमता, भ्रष्टाचार और तलाक जैसी समस्याएं हैं। इसके अलावा मतांतरण, अलगाववाद और सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या परिवर्तन जैसी चुनौतियां भी हैं। इनसे निपटने के लिए केवल शासन पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। समाज की सज्जन शक्ति के साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में काम करने वाली 10 लाख से अधिक संस्थाओं के बीच संवाद और समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। कहा कि संस्थाओं की क्षमता के अनुसार उन्हें जिम्मेदारी और प्रशिक्षण देने की जरूरत है। भारतीय जीवन मूल्यों को मजबूत करने और समाज में संस्कार विकसित करने वाली व्यवस्थाएं खड़ी करने पर भी ध्यान देना होगा।
उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह ने राष्ट्र निर्माण में अनुशासन, संगठन और देशभक्ति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अच्छे विचारों के साथ काम करने की लगन और समाज को जोड़ने का प्रयास जरूरी है।
:: योग प्रदर्शन किया, सामूहिक गीत प्रस्तुत किया ::
चरैवेति एकत्रीकरण की शुरुआत ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना से हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक योग प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग कार्यवाह रित्नेश रघुवंशी ने शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री और इंदौर विभाग के संघचालक डॉ. मुकेश मोढ़ मौजूद रहे। इंदौर विभाग के पांच जिलों से आए स्वयंसेवकों ने ‘चरैवेति-चरैवेति’ सामूहिक गीत भी प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक 2 से 4 नवंबर तक इंदौर में होगी। इसमें संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, संगठन के विस्तार और आगामी गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है। युवाओं तक पहुंच बढ़ाने से जुड़े विषय भी चर्चा में रह सकते हैं।