जम्मू । जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले विपक्ष का बेहतर नेता लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को माना है। हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान उनके सामने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल में से किसी एक को चुनने का विकल्प रखा गया था, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी का चयन किया।
उमर अब्दुल्ला ने इसके पीछे मुख्य तर्क यह दिया कि भारत में वर्तमान में केवल दो ही ऐसी राजनीतिक पार्टियां हैं कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी। जिनकी उपस्थिति पूरे देश में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी क्षेत्रीय दलों के नेताओं को यह भ्रम होता है कि वे राष्ट्रीय नेता हैं, जबकि उनकी पार्टी का दायरा किसी राज्य या छोटे हिस्से तक ही सीमित होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वे खुद एक राष्ट्रीय नेता नहीं हैं क्योंकि उनकी पार्टी का प्रभाव मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर तक ही है। राहुल गांधी एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय पार्टी का हिस्सा हैं, जो उन्हें अन्य क्षेत्रीय नेताओं की तुलना में एक बड़ा राजनीतिक लाभ देता है।
राहुल गांधी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे एक बेहतर इंसान होने के साथ-साथ खुद को तेजी से तैयार कर रहे एक परिपक्व राजनेता भी हैं। उन्होंने राहुल की जनसंपर्क शैली की सराहना करते हुए कहा कि वे लोगों से बेहद गहराई और संवेदनशीलता के साथ मिलते-जुड़ते और बात करते हैं, जिसके लिए कई बार अन्य राजनेताओं के पास समय नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि हाल के समय में राजनीतिक पटल पर राहुल गांधी का ग्राफ काफी तेजी से ऊपर उठा है और अब सरकार भी उन्हें पहले से कहीं अधिक गंभीरता से ले रही है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के बाद उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस पार्टी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार का गठन किया है। राज्य में इस समय पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से चर्चा में है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन की रणनीतियों में भी कांग्रेस की भूमिका सबसे अहम बनी हुई है।

