अमरावती । चक्रवात मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास सफलतापूर्वक लैंडफॉल कर लिया है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाएं और 120 किमी प्रति घंटा तक के झोंकों ने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा है। त्योहारी सीजन और यात्रियों की भारी भीड़ के बीच दक्षिण तटीय रेलवे ने एहतियातन 9 ट्रेने और 11 उड़ानों को रद्द कर दिया है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस तूफान के कारण राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रकाशम जिले के कोठापटनम में 164.3 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों को तैनात किया गया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा है। त्योहारी सीजन और यात्रियों की भारी भीड़ के बीच दक्षिण तटीय रेलवे ने एहतियातन 9 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। प्रभावित रूटों में विजयवाड़ा, गुडूर, गुंटूर, तेनाली और रेपल्ले शामिल हैं। रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में विजयवाड़ा-गुडूर और गुडूर-विजयवाड़ा पैसेंजर व एक्सप्रेस के साथ-साथ गुंटूर और तेनाली-रेपल्ले के बीच चलने वाली पैसेंजर गाड़ियां शामिल हैं। स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाले वॉर रूम और प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क बनाए हैं, साथ ही टिकट रिफंड के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।
हवाई यातायात भी इस चक्रवात की चपेट में आया है। खराब मौसम और भारी बारिश के कारण चेन्नई एयरपोर्ट से संचालित होने वाली 11 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कडप्पा और तिरुचिरापल्ली जाने-आने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।

