रुद्रप्रयाग में भूस्खलन में 9 मजदूरों की मौत, कई लोग मलबे में दबे, राहत और बचाव कार्य जारी –

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बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या
रुद्रप्रयाग (ईएमएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाइवे पर बांसवाड़ा के पास हुए भूस्खलन में 16 मजदूर दब गए हैं। इस हादसे में अब तक आठ मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य लोग अब भी मलबे में दबे बताए जाते हैं। इस हादसे में घायल हुए पांच मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे में अनेक लोग दबे हुए हैं। हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है। बचाव कार्य में लगे एक अधिकारी ने बताया कि बांसवाड़ा ऑल वेदर रोड में कटिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक भूस्‍खलन हो गया और मलबे के साथ एक बड़ी चट्टान मजूदरों के ऊपर आ गिरी। वहां काम कर रहे अधिकांश मजदूर इस मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मलबा हटाकर घायलों को निकालने का काम शुरू किया।

गहरी नदी में गिरी जेसीबी मशीन
एक-एक करके अब तक आठ मजदूरों की लाशें निकाली जा चुकी हैं। पांच घायल मजदूरों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है। लोगों ने बताया कि मलबा हटा रही एक जेसीबी मशीन मलबे के साथ गहरी नदी में जा गिरी है।

घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ठेकेदार के अनुसार, मौके पर कुल 23 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 12 बच गए हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार ने कहा कि इस घटना की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही हादसे की असली वजह पता चलेगी।

वर्षा की वजह से हुआ भूस्खलन
गौरतलब है कि इन दिनों उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस दौरान होने वाली बर्फबारी और बारिश के कारण पहाड़ों पर भूस्खल का खतरा बढ़ गया है। यही वजह है कि पहाड़ी का वह हिस्सा अचानक ढह गया, जहां पर जेसीबी से खुदाई की जा रही थी।
अनिरुद्ध, ईएमएस, 21 दिसंबर 2018

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