मुफ्त में जनता छाप रोटियां!

पास में पानी रखा हुआ है और मैं उसे पी भी सकता हूं। लेकिन इस इंतजार में बैठा हूं कि कोई भी दल-दल पार्टी का नेता आएगा और चुनावों की इस बेला पे यह घोषणा पत्र जारी कर देगा कि आपको मुफ्त में पानी पिलाने की हमारी जिम्मेदारी है। आप जब भी इशारा करेंगे, तब हम उठकर आएंगे। आप स्वयं को पानी पिला देंगे। अगर ऐसी कोई मुफ्त की घोषणा कोई दल-दल पार्टी कर दे, तो मेरी इच्छा है कि मैं उसका इंतजार करूं। कितनी ही तेज प्यास लग जाए लेकिन जो मजा मुफ्त के पानी में है, वह और कहां? वैसे फिजाओं में चुनावी लहरें ज्वार-भाटा मचा रही है। वहां मुफ्त-मुफ्त की आंधियां चलाई जा रही है। एक दल-दल पार्टी कह रही है कि हमें वोट दोगे, तो हमारी पार्टी आपके घर वालों के सारे कपड़े मुफ्त में धोने का काम करेगी। यही नहीं कपड़ों को धोकर सुखाने का काम भी करेगी। आपके पड़ोस में जो चक्की लगी हुई है, वहां से चना-चबीना पीसाकर आपके घर पहुंचा देगी। ये हमारा दावा है। हमारी पार्टी की मुफ्तगिरी का मुफ्तस्य, मुफ्ताया:, मुफ्ताणां मंत्र वाला यह हमारा सदाबहार संकल्प है। दल-दल पार्टी का यह संकल्प गीत सुनकर दल-बदल पार्टी भी बांग दे रही है। हम आपके कपड़े सुखाएंगे भी सही और उन्हें प्रेस करके आपको पहनाएंगे भी सही! आप हमारे नेताजी को वोट देकर तो देखिए! हम पुराने पीपल वाली सेकुलर चक्की से चना-मक्का पिसावाकर आपके घर तक पहुंचाएंगे। फिर घर के पड़ोस में खड़े होकर खुद जनता छाप रोटियां बेलकर उन्हें सकेंगे। फिर अपनी वाली पार्टी के हाथों से आपको मुफ्त में खाना भी खिलाएंगे। ये हमारा दावा है। यही नहीं इन रोटियों को पचाने के लिए हम आपके बदले एक्सरसाइज भी करेंगे। हम जिम जाएंगे, लेकिन आपके स्वास्थ्य के साथ कभी खिलवाड़ नहीं करेंगे। यह हमारी पार्टी का संकल्प पत्र है। 

चुनावी फिजां में इस प्रकार के संकल्प को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। ये जो मेरे मुंह के आगे मक्खी भिन-भिना रही है और वह मुंह में घुसने की तमाम तिकड़में लगा रही है, तो भी मैं उसे कुछ नहीं कह रहा हूं। इंतजार कर रहा हूं कि कोई पार्टी आएगी और इसे अपना चुनावी मुद्दा बनाएगी। वह संकल्प पत्र जारी करेगी। भौंपू में घुसकर कहेगी कि आप अपने सामने घूमती हुई मक्खी को हरगिज न उड़ाएं। सिर्फ हमारी पार्टी को वोट देकर देखें। फिर आपके सामने किसी भी मक्खी को उड़ने की हरगिज इजाजत नहीं दी जाएगी। मक्खी उड़ाने की ये सब सेवाएं मुफ्त में कर दी जाएगी। ये हमारा वादा है। हम इस वादे को निभाने के लिए शहर, गांव, ढाणी, मोहल्ले, गली आदि में जिला मक्खी नियंत्रण संस्थान की स्थापना कर देंगे। नियंत्रण संस्थान की स्थापना करके उनमें बाकायदा 23, 87,798 मक्खी अधिकारियों की नियुक्ति भी कर देंगे, जिससे बेरोजगारी की समस्या का भी हाथों-हाथ समाधान हो जाएगा। आपके मुंह के सामने जो कोई भी मक्खी उड़ने की हिमाकत करेगी, उसे तत्काल मौत के घाट उतार दिया जाएगा, वह भी एकदम मुफ्त! इसलिए वोट हमें ही दें! हमारे संकल्प पत्र को पक्का वादा समझें। हम आपकी सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं। वातावरण में इस तरह के चुनावी संकल्प गूंज रहे हैं। वादे इठला रहे हैं। मैं सामने पड़ा हुआ पानी अभी तक  नहीं पी रहा हूं, कि कोई भी दल-खोर पार्टी आएगी और वह मुझे मुफ्त का पानी पिला जाएगी।

— रामविलास जांगिड़,18, उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर (305023) राजस्थान