मास्क जब से लगे हैं चेहरों पर ,
इंसान एक जैसे दिखने लगे हैं।
इस कोरोना मैं तो सब लोग,
अपने चेहरे ढकने लगे हैं।
ये कोरोना का असर है कि,बेबसी,
अब बाजारों में मास्क भी होली के
रंगों जैसे बिकने लगे हैं।
मास्क तो फैशन का एक हिस्सा हो गया है।
अब कपड़ों के साथ लोग,
मैचिंग मास्क भी पहनने लगे हैं।
कोरोना का कहर क्या कम था जो ,
कोरोना के नए स्ट्रेन फिर से मिलने लगे हैं।
किसी के अधरों पर दिखती नहीं मुस्कान,
अब तो मास्क के अंदर सबके सांस फूलने लगे हैं।
ऊब गए हैं सब मास्क पहनकर,
सबके चेहरों से
अब मास्क उड़ने लगे हैं।
चहुं ओर से जनता लाचार है।
मास्क न पहनने की सजा अलग,
रुपयों में फाइन तो है ही,
पुलिस के डंडे अलग से पड़ने लगे हैं।
मास्क जब से लगे हैं चेहरों पर,
इंसान एक जैसे दिखने लगे हैं।
सपना मिश्रा मुंबई महाराष्ट्र