:: लगातार साढ़े सात घन्टे चला ऑपरेशन ::
:: डॉक्टरों ने अपने प्रयासों से कैंसर जैसी बीमरी को हराकर जीने की प्रबल इच्छा शक्ति जगा दी ::
इन्दौर । कैंसर जिसका नाम सुनते ही हताशा, तकलीफ का मंज़र ज़हन में आ जाता है, मुँह के कैंसर की सफल सर्जरी कर मरीज की बचायी जान की ऐसी ही कहानी सामने आई जिसमें उसे लगातार शारीरिक पीड़ा थी। लेकिन शहर के डॉक्टरों ने अपने प्रयासों से कैंसर जैसी बीमरी को हराकर जीने की प्रबल इच्छा शक्ति जगा दी, यही नहीं बल्कि मरीज़ का सफल ऑपरेशन कर अब पटेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। पटेल हॉस्पिटल में डॉक्टर विनोद धाकड़ ने ओरल कैंसर मरीज का बेहद जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया गया है। पटेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के 4 डॉक्टरों ने लगातार साढ़े सात घंटे तक आपरेशन किया। सबसे पहले उसके जबड़े के नीचे जमे हुए व्हाइट पैचेज को निकाला गया। इसके बाद गर्दन तक फैले कैंसर का ऑपरेशन किया गया। मुंह मे ज़्यादा घाव हो गया था, कमांडो सर्जरी से ट्यूमर निकाला गया।
पटेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. रिज़वान पटेल ने बताया 50 वर्षीय युवक की बायोप्सी करने के बाद पता चला कि मुंह मे ट्यूमर है। तंबाकू सेवन की वजह से ओरल कैंसर हो गया। इसका पता चलने तक मरीज चौथी स्टेज में पहुंच गया था। कैंसर मुंह के साथ ही गर्दन तक पहुंच गया। जीभ भी प्रभावित हो गयी थी जिससे ज़बान में छाले हो गए और वह ठीक नहीं हो पा रहे थे। पूरा मुंह नहीं खुलने की वजह से खाने,पीने,निगलने में भी बेहद परेशानी थी। सफल सर्जरी के बाद मरीज़ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी। सर्जरी के बाद मरीज़ का मुंह सही ढंग से खुल रहा है। वह पूरी तरह खतरे से बाहर है और बातचीत भी करने लगा है। मरीज़ की अस्पताल से छुट्टी के वक़्त वह भावुक हो गया और घर जाते-जाते पटेल हॉस्पिटल के समस्त स्टाफ और डॉक्टर विनोद धाकड़ की पूरी टीम को बहुत दुआएं दी।
:: तंबाकू के कारण केंसर के बढ़ रहे केस ::
लिंक रोड़ खजराना स्थित पटेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ रिज़वान पटेल ने बताया कि तंबाकू, गुटखा, सुपारी आदि के सेवन से कैंसर के चपेट में आने वाले मरीज बढ़ रहे हैं। अब हर सप्ताह दो से तीन ओरल कैंसर के ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जिनका ऑपरेशन करना जरूरी होता है।
:: खाना निगलने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं ::
डॉ. रिज़वान पटेल ने जानकारी दी कि जब किसी व्यक्ति को गले से खाना निगलने में परेशानी महसूस हो और यदि ऐसा 10 से 15 दिन तक लगातार रहे तो आप फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इसका पता लगाने के लिए आहार नली की एंडोस्कोपी से जांच की जाती है, जिसके बाद वहां से एक छोटा सा नमूना लेकर उस टुकडे की बायोप्सी की जाती है। जिससे पता चलता है कि आपको कैंसर है या नहीं।