-मां के हाथ की बनी मठरी खाई, चचेरे भाई ने कर थी फरमाईश
लखनऊ,(ईएमएस)। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला शुक्रवार को लखनऊ स्थित अपने घर पहुंचे। बेटे को देख माता-पिता की बहुत खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि हमने बेटे से आने को कहा था और उसने व्यस्तता के बावजूद समय निकाला, हमारी बात मानी और मान बढ़ाया। वहीं, शुभचिंतकों से घिरे शुभांशु भी काफी भावुक नजर आए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस खास मौके पर शुभांशु के पिता शंभु दयाल शुक्ला ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लगा कि मेरा बेटा घर आया। उसके आने के बाद सभी के चेहरे खिल उठे। जैसे ही आसपास के लोगों को पता लगा, सब उससे मिलने आए। उसने सभी लोगों से बात की। मेरे बेटे से कई विषयों को लेकर बात हुई। एक बार उसका कार्यक्रम पूरा हो जाए, तो इसके बाद हम बेंगलुरु जाएंगे।
शुभांशु की माता आशा ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लगा कि हमारा बेटा घर आया। मैं लंबे समय से इंतजार कर रही थी। ऐसी स्थिति में हमें लग रहा था कि शायद उसका आना मुश्किल हो जाएगा, लेकिन जैसे ही हमें पता लगा कि वह आया है, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शुभांशु की मां ने कहा कि उन्होंने बेटे के आने की खुशी में कुछ खास नहीं बनाया। हमारे घर में जो भी सामान्य तौर पर बनता है, वही बनाया था। वो तो मेरा बेटा है। जैसा मेरे लिए पहले था, वैसे ही आज है। हमें बहुत खुशी हुई कि वो समय निकालकर हमसे मिलने आया।
शुभांशु शुक्ला के चचेरे भाई आशीष ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लगा कि शुभांशु हमारे बीच में आए और अपनी मां के हाथ का बना खाना खाया। उसके लिए मठरियां बनाई गई थीं, जिसे उसने बहुत ही चाव से खाया था। हमने शुभांशु से कहा कि लखनऊ में एक एयरशो होना चाहिए है। अगर ऐसा करते हैं, तो निश्चित तौर पर इससे आने वाली पीढ़ियों को व्यापक स्तर पर फायदा पहुंचेगा।