दिल्ली में तेजी से पैर पसार रहा है डेंगू एक हफ्ते में 314 नए मामले आए सामने

नई दिल्ली । एक दिक्कत खत्म होती नहीं है कि दूसरी पहले ही बांहें फैलाए तैयार रहती है। कोरोना महामारी से अभी लोग उबरे भी नहीं है कि डेंगू का आंतक शुरू हो गया है। राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे है। इस साल अब तक डेंगू के 1572 केस सामने आ चुके हैं। एक हफ्ते के अंदर डेंगू के 314 नए मामले दर्ज किए गए हैं। बता दें कि इस साल अक्टूबर के 12 दिन में 635 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि इस साल डेंगू से अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। इस साल अब तक मलेरिया के 182 और चिकनगुनिया के 89 केस सामने आ चुके हैं। जबकि अक्टूबर महीने में ही अब तक मलेरिया के 29 और चिकनगुनिया के 5 केस रिपोर्ट हुए हैं। बता दें कि इस साल अब तक सामने आए डेंगू के मामले पिछले साल मौजूदा समय तक दर्ज हुए मामलों से काफी ज्यादा हैं। पिछले साल दिल्ली में डेंगू के 9613 मामले दर्ज किए गए थे और 23 लोगों की इसकी वजह से मौत हो गई थी। साउथ दिल्ली में डेंगू के सबसे केस सामने आए हैं। एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल भी इस क्षेत्र में सर्वाधिक 62 मामले दर्ज किए गए थे। इस साल अब तक 120 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बीते एक हफ्ते में इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा 29 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद मध्य और नजफगढ़ क्षेत्र में 25-25 मामले आए हैं। इसके बाद करोल बाग, केशवपुरम, नरेला में केस दर्ज किए गए हैं। डेंगू के इन बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि दिल्ली के सभी अस्पतालों में 10 से 15 फीसदी बेड वेक्टर जनित बीमारियों के रोगियों के लिए खासतौर पर डेंगू के मरीजों के लिए आरक्षित रखा जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और नर्सिंग होम को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि डेंगू, बुखार या किसी अन्य वेक्टर जनित बीमारी से पीड़ित किसी भी मरीज को अस्पताल में बिस्तरों की कमी के कारण एंट्री देने से मना किया जाए। इसके लिए अस्पताल अपने यहां कुल बेड की संख्या के 10 से 15 फीसदी बेड्स इन मरीजों के लिए आरक्षित रखे