इन्दौर हाइकोर्ट में इन्दौर के सांसद शंकर लालवानी के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सांसद शंकर लालवानी ने आवेदन प्रस्तुत करते कहा कि याचिका चलने योग्य ही नहीं है, इसे निरस्त किया जाए। कोर्ट ने सांसद के इस आवेदन पर याचिकाकर्ता से इस संबंध में दो सप्ताह में जवाब मांगा है। लालवानी ने वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज द्विवेदी के माध्यम से यह आवेदन लगाया था। ज्ञात हो कि गत लोकसभा चुनाव में निर्वाचित लालवानी के खिलाफ यह चुनाव याचिका धर्मेंद्र सिंह झाला ने दायर की है। झाला ने लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इंदौर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन फार्म भरा था। लेकिन उनका नामांकन निर्वाचन अधिकारी ने सूची से बाहर कर दिया था। जिसे उन्होंने गलत बताते लालवानी का निर्वाचन शून्य घोषित करने हेतु यह याचिका लगाई। उन्होंने याचिका में कहा है कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनका नाम गलत तरीके से प्रत्याशियों की सूची से बाहर किया है। नाम वापसी के फार्म पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे और फार्म पर उनके पिता का नाम भी अलग था। झाला ने याचिका में कोर्ट से कहा है कि मैंने नामांकन वापस लिया ही नहीं, बावजूद मेरा नाम प्रत्याशियों की सूची से बाहर कर दिया गया। अतः लालवानी का निर्वाचन शून्य घोषित किया जाए।