15 राज्यों से अखिल भारतीय जांगिड ब्राम्हण महासभा के पदाधिकारी इन्दौर पहुंचे ; बैठकों का दौर शुरू –

:: आज रवीन्द्र नाट्यगृह में नवीन कार्यकारिणी शपथ विधि समारोह एवं सामाजिक उत्थान पर मंथन ::
:: राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद , विधायक, महापौर भी करेंगे सहभागिता ::
इन्दौर । भगवान विश्वकर्मा को अपना आराध्य मानने वाले अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा में देश के विभिन्न 15 राज्यों के पदाधिकारीयो का इन्दौर में आज दोपहर से ही पहुंचना शुरू हो गया है। रविवार को रवीन्द्र नाट्यगृह में 2000 से ज्यादा समाज जनों की उपस्थिति में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की शपथ विधि एवं सामाजिक क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा मध्य प्रदेश अध्यक्ष प्रभु दयाल जांगिड़, प्रदेश प्रभारी रतन लाडबा, महामंत्री अनिल शर्मा और मंदिर अध्यक्ष अशोक रोडवाल ने बताया कि इन्दौर में रविवार 22 जून को होने वाली राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ ,गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और बिहार आदि 15 राज्यों के सैकड़ों पदाधिकारी इन्दौर पहुंच गए हैं। शनिवार शाम को समाज की धर्मशाला तोपखाना क्षेत्र स्थित स्वामीनारायण मंदिर में बड़ी ही आत्मीयता के साथ सभी का स्वागत सरकार किया गया। शाम को अलग-अलग पदाधिकारी के बीच अपने-अपने राज्यों में सामाजिक और वहां की स्थितियों की अलग-अलग चर्चाओं का दौर शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा।
:: सवा सौ साल पुरानी संस्था ::
अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा नई दिल्ली के मध्य प्रदेश अध्यक्ष प्रभु दयाल जांगिड़ ने बताया की हमारे समाज की सामाजिक संस्था का रजिस्ट्रेशन सन 1906 में लाहौर में हुआ था, यानी देश की आजादी के पहले ही संस्था का रजिस्ट्रेशन हुआ तब से लेकर आज तक तकरीबन सवा सौ साल में सामाजिक उत्थान और एकजुट के प्रयास लगातार हो रहे हैं।
:: यह प्रमुख पदाधिकारी के रहे सहभागिता ::
अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय प्रधान बेंगलुरु से रामपाल जी जांगिड़, पूर्व प्रधान कैलाश बार्नेला, जयपुर से रवि शंकर जांगिड़, कार्यकारी अध्यक्ष लादूराम जांगिड़ दिल्ली, मुख्य सलाहकार श्रीपाल चोयल, राजस्थान सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा, नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, महिंद्रा हार्डिया,रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड, मधु वर्मा आदि सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
:: यह रहेंगे प्रमुख मुद्दें जिन पर होगी चर्चा ::

  • जांगिड़, जांगिड़ ब्राह्मण या विश्वकर्मा या सूतार आदि सरनेम या गोत्र को देश भर में समान रूप से पिछड़ा या अन्य पिछड़ा वर्ग में स्थान मिले , इस पर सरकार से मांग को चरणबद्ध किया जाएगा।
  • राजस्थान और हरियाणा सरकार की तर्ज पर प्रत्येक राज्य में हर जिला स्तर पर बच्चों के रहने के लिए छात्रावास हॉस्टल के लिए जमीन और निर्माण के लिए राशि राज्य सरकारी प्रदान करें।
  • देश के प्रत्येक शहर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित हो उनके मंदिर का भी निर्माण किया जाए एवं हर प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र एरिया के नामकरण को भी प्रमुखता दी जाए।
  • जांगिड़ ब्राह्मण समाज में अगर कोई व्यक्ति दुर्घटना से पीड़ित रहता है तो उसे तत्काल 20,000 की आर्थिक सहायता समाज जनों द्वारा दी जाती है, राशि को बढ़ाने पर विचार होगा।
  • समाज के 5000 से ज्यादा कमजोर आय वर्ग वाले विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है इसमें और अधिक लोगों को जोड़ने और उन तक सहायता पहुंचाने के साथ सहायता राशि को बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
  • प्रमुख राजनीतिक दलों से मांग की जाएगी कि उनके समाज को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए।
  • देशभर में मोहल्ला ,तालुका, तहसील, जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर समाज के पदाधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ सामाजिक उत्थान और कुर्तियां को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है और आगे भी इन्हें जमीनी स्तर से जोड़ कर मदद में सहयोगी बनेंगे।