हर किरदार में आत्मा झोंक देती हूं

मनोरंजन

भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण किरदारों को पर्दे पर जीवंत करना किसी भी अभिनेता के लिए आसान नहीं होता। अभिनेत्री शीना चौहान का मानना है कि एक सशक्त और वास्तविक प्रदर्शन केवल संवाद याद करने से नहीं आता, बल्कि उसके लिए किरदार की भावनात्मक यात्रा को गहराई से समझना जरूरी होता है। मेरा मानना है कि यदि आप चाहते हैं कि दर्शक किसी किरदार से जुड़ें, तो आपको पहले उसे भीतर से समझना होगा। मैं हर किरदार को अपना पूरा दिल और आत्मा दे देती हूं, क्योंकि काम करने का यही मेरा तरीका है।”उदाहरण के तौर पर, फिल्म ‘संत तुकाराम’ में अवली का किरदार निभाने के लिए उन्होंने गांवों में समय बिताया और वहां की महिलाओं के जीवन, संघर्ष और भावनाओं को करीब से समझा। वहीं अपनी आगामी साउथ फिल्म ‘JMD’ में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका के लिए उन्होंने एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ समय बिताया, ताकि उस पेशे की अनुशासन, दबाव और वास्तविकताओं को महसूस कर सकें। इसके अलावा, काजोल के साथ फिल्म ‘द ट्रायल’ में एक ईसाई युवती का किरदार निभाने के लिए उन्होंने बांद्रा के चर्चों में जाकर वहां के माहौल और लोगों को करीब से देखा और समझा।

1 thought on “हर किरदार में आत्मा झोंक देती हूं

Comments are closed.